जोधपुर

7500 रुपए रिश्वत लेने पर तहसील कार्यालय का एलडीसी गिरफ्तार

- कोयला परिवहन के लिए ट्रांसपोर्ट परमिट जारी करने की एवज में ली रिश्वत
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Jul 09, 2021
7500 रुपए रिश्वत लेने पर तहसील कार्यालय का एलडीसी गिरफ्तार
7500 रुपए रिश्वत लेने पर तहसील कार्यालय का एलडीसी गिरफ्तार

जोधपुर.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कोयला परिवहन के लिए ट्रांसपोर्ट परमिट जारी करने की एवज में 7500 रुपए रिश्वत लेने पर सिरोही तहसील कार्यालय में कनिष्ठ सहायक को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। तहसीलदार की भूमिका के बारे में जांच की जा रही है।
ब्यूरो के उप महानिरीक्षक डॉ विष्णुकांत ने बताया कि पाली जिले की सुमेरपुर तहसील में कोलीवाड़ा निवासी हीराराम पुत्र लच्छाराम देवासी व राजेन्द्र कुमार पुत्र धनराज जैन की शिकायत पर सिरोही तहसील कार्यालय में कनिष्ठ सहायक सांचौर में पमाणा निवासी राकेश पूनिया पुत्र किशनाराम बिश्नोई को 7500 रुपए रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया। उसने अपने कार्यालय में टेबल पर रिश्वत लेकर नकल रजिस्टर में रखवाई। तभी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायणसिंह के नेतृत्व में एसीबी ने दबिश देकर कनिष्ठ सहायक को पकड़ लिया।
प्रति परमिट एक हजार तहसीलदार व 500 खुद के मांगे
एसीबी के एएसपी नारायणसिंह ने बताया कि हीराराम व राजेन्द्र कुमार ने जावाल निवासी पंकुबाई पत्नी हंसाराम घांची के खेत में अंग्रेजी बबूल काटकर कोयला बनाने के लिए 51 हजार रुपए में एग्रीमेंट कर रखा है। कुछ समय पहले ही कोयला बनाने का कार्य शुरू किया गया था। कोयले को जयपुर, अलवर व राज्य के अन्य जिलों में परिवहन करने के लिए जरूरी ट्रांसपोर्ट परमिट लेने के लिए सिरोही के तहसील कार्यालय में 25 जून व 2 जुलाई को तहसीलदार व एलडीसी राकेश से सम्पर्क किया गया था। साथ ही ट्रांसपोर्ट परमिट (टीपी) के लिए आवेदन किया था। एलडीसी ने टीपी शुल्क के लिए एक हजार रुपए बैंक में जमा कराने व 1500 रुपए प्रति चालान चाय-पानी का खर्चा मांगा। 1500 में से एक हजार रुपए तहसीलदार व पांच सौ रुपए खुद के लिए मांगे गए।
पांच टीपी की रिश्वत लेकर दो पहले व तीन बाद में दी
रिश्वत मांगने पर परिवादी ने एसीबी से शिकायत की। वहीं, पांच टीपी के लिए निर्धारित शुल्क जमा कराया। 5 और 6 जुलाई को गोपनीय सत्यापन कराया। एलडीसी ने प्रति टीपी पन्द्रह सौ रुपए मांगे। 5 टीपी के 7500 रुपए 6 जुलाई को ले लिए। बदले में दो टीपी दी। तीन टीपी बाद में देने को कहा। 5 और टीपी के लिए परिवादी ने आवेदन किया। वह शुक्रवार को एलडीसी से कार्यालय में मिला। उसने 7500 रुपए नकल रजिस्टर में रखवाए। पहले की बकाया तीन टीपी दे दी। तभी इशारा मिलते ही एएसपी नारायणसिंह ने दबिश देकर एलडीसी को पकड़ लिया।

Published on:
09 Jul 2021 05:24 pm