जोधपुर

अमृतसर की तरह रेललाइन से सटा है ओसियां का मारवाड़ समारोह समापन स्थल

ओसियां. अमृतसर में रावण दहन के दौरान ट्रेन हादसे के बाद ओसियां भी सहमा हुआ है। यहां भी हर साल होने वाले मारवाड़ समारोह का समापन स्थल रेललाइन से उसी तरह सटा हुआ है।
2 min read
Oct 21, 2018
Like the Amritsar Railline, the Osian's Marwar Festival ends
अमृतसर की तरह रेललाइन से सटा है ओसियां का मारवाड़ समारोह समापन स्थल

रमेश कुमार त्रिपाठी

ओसियां. अमृतसर में रावण दहन के दौरान ट्रेन हादसे के बाद ओसियां भी सहमा हुआ है। यहां भी हर साल होने वाले मारवाड़ समारोह का समापन स्थल रेललाइन से उसी तरह सटा हुआ है। समापन के पहले और बाद में करीब दस हजार लोग रेललाइन पार कर आते-जाते है।

इन्हें रोकने के लिए न तो बेरीकेट लगाए जाते है और न ही सुरक्षाकर्मी खड़े होते है। इस अवधि के दौरान यहां से तीन पैसेंजर टे्रन और कुछ मालगाडि़यां गुजरती है। इतनी बड़ी तादाद में लोगों बेरोक-टोक आवागमन से यहां भी अमृतसर जैसे हादसे की आशंका बनी रहती है।


मारवाड़ समारोह का समापन इस बार 24 अक्टूबर को ओसियां के खोखरी स्थित रेतीले धोरों शरद पूर्णिमा पर शाम सात बजे शुरू होगा और दस बजे सम्पन्न होगा। जिस स्थल पर यह समापन समारोह होता है वहां पास से ही रेल लाइन गुजरती है। वहां गोलाई होने के कारण जोधपुर की तरफ से आने वाली टे्रन नजर नहीं आती है।

रेलवे क्रॉसिंग प्वाइंट यानि फाटक एक किनारे होने के कारण दर्शक फाटक की बजाय रेललाइन पार करके ही जाते है। रेलवे क्रॉसिंग प्वाइंट से वे ही लोग आते-जाते है, जिनके पास वाहन होते है। शेष करीब दस हजार लोग रेलवे लाइन के ऊपर से ही आते-जाते है। समापन समारोह के बाद ज्योंहि आतिशबाजी शुरू होती है।

पैदल आए ज्यादातर दर्शक आतिशबाजी देखते हुए अंधेरे में रेललाइन पार कर जाने लगते है। इसी तरह जब ये लोग शाम को आते है तब भी अंधेरा ही होता है। ओसियां के स्टेशन मास्टर संजयसिंह ने बताया कि सांय 7 बजे से 10 बजे तक 3 पैसेंजर ट्रेन व कुछ मालगाडिय़ों का आवागमन होता है। मालगाडिय़ों की संख्या तय नहीं है कभी ज्यादा तो कभी कम हो जाती है।

गौरतलब है कि अमृतसर में जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार को दशहरे के अवसर पर रावण दहन का कार्यक्रम चल रहा था। रावण दहन के बीच ही अप ट्रैक पर जालंधर-अमृतसर डीएमयू आ गई। इसी ट्रैक पर 400 लोगों की भीड़ जमा थी। दहन के वक्त पटाखों की तेज आवाज के कारण ट्रेन का हॉर्न लोगों को नहीं सुनाई पड़ा। ट्रेन 60 से ज्यादा लोगों को कुचल कर चली गई।

Published on:
21 Oct 2018 09:24 am