
रणवीर चौधरी/जोधपुर. शहर में नगर निगम के चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले दावेदारों ने होर्डिंग, बैनर लगाकर अपने प्रचार में जुट गए। दावेदारों ने टिकट के लिए अपना प्रचार शुरू कर हजारों रुपए खर्च भी कर दिए। लेकिन राज्य सरकार द्वारा नगर निगम चुनाव का पूरा गणित ही बदलने के बाद अब दावेदारों का प्रचार भी खामोश हो गया। दावेदार अब नए वार्डो के सीमांकन में अपने क्षेत्र का वार्ड तलाश कर रहे हैं। यहीं हाल दोनों पार्टियों का रहा। गत दिनों शहर में सडक़ों, भवनों के दो दर्जन से ज्यादा लोकार्पण किए गए। जल्दबाजी में किए गए लोकार्पण के बाद कई भवनों पर अब ताले लगे हुए।
नेताओं के स्वागत के साथ दावेदारी
नगर निगम चुनाव की तैयारियों के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर में दौरे किए थे। ऐसे में पार्षद टिकट के लिए दावेदारों ने बड़े नेताओं को खुश करने और दावेदारी के लिए शहर में कई जगहों पर होर्डिंग लगवाए। इनमें कुछ ने नेताओं के स्वागत के साथ स्वयं के होर्डिंग लगाए।
घर व गालियों में लगाए बैनर
दावेदारों ने नेताओं के साथ लोगों के बीच प्रचार करने के लिए अपने वार्ड में घरों व गालियों पर भी बैनर व पोस्टर लगवाए। इसके लिए नगर निगम से अनुमति नहीं ली गई। लेकिन प्रचार में हजारों रुपए खर्च किए गए।
लोकार्पण के बाद लगे ताले
शहर में चुनाव से पहले गत दो माह में कई सडक़ों के नामकरण, आश्रय स्थल, भवनों के लोकार्पण हुए। जल्दबाजी में किए गए लोकार्पण के बाद कई भवनों के बाहर ताले लग गए। इनमें से रेलवे स्टेशन के द्वितीय द्वार पर नगर निगम की ओर से आश्रय स्थल का गत 1 अक्टूबर को महापौर घनश्याम ओझा ने लोकार्पण किया था। लोकार्पण के बाद आश्रय स्थल के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा रखा हैं।