जोधपुर

लॉकडाउन: निजी शिपिंग एजेंसियों ने अटकाए कंटेनर, वसूले करोड़ों रुपए

- जोधपुर के निर्यातकों को झटका, अटकाए 450 कंटेनर्स
less than 1 minute read
Jun 04, 2020
लॉकडाउन: निजी शिपिंग एजेंसियों ने अटकाए कंटेनर, वसूले करोड़ों रुपए
लॉकडाउन: निजी शिपिंग एजेंसियों ने अटकाए कंटेनर, वसूले करोड़ों रुपए

जोधपुर।

केन्द्र सरकार ने अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी कहे जाने वाले हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग को लॉकडाउन अवधि में बंदरगाहों (समुद्री व सूखा), निजी टर्मिनल्स व कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफ सी स्टेशन) पर लगने वाले शुल्क को माफ कर दिया था। जिसमें निर्यातक से कंटेनर पर किसी प्रकार का ग्राउंड रेन्ट, स्टोरेज चार्ज, डेम्रेज, डिटेंशन चार्ज आदि लिए जाने वाले शुल्क शामिल है। केन्द्रीय जहाजरानी मंत्रालय, केन्द्रीय गृह मंत्रालय, डायरेक्टर जनरल शिपिंग, कस्टम्स कमिश्नर कार्यालयों की ओर से इनकी पालना के लिए गाइडलाइन्स व ऑर्डर भी जारी हुए। इसके बाजवूद, निजी शिपिंग एजेंसियों, निजी टर्मिनल्स व सीएफसी की ओर से सरकार की गाइडलाइन की अवहेलना कर निर्यातकों से धड़ल्ले से शुल्क वसूला गया। जोधपुर के निर्यातकों के सैंकड़ों कंटेनर्स अटकाए गए व उनसे करोड़ों रुपया वसूला गया।

----

450 से ज्यादा कंटेनर्स अटके, 20 करोड़ से ज्यादा चार्ज वसूला

जोधपुर के निर्यातकों के अधिकांश कन्टेनर गुजरात के मुन्द्रा पोर्ट से आयात-निर्यात किए जाते है। इस पोर्ट पर भी कई सीएफसी द्वारा निर्यातकों से ग्राउंड रेंट, स्टोरेज चार्जेज के नाम बड़ी रकम वसूली गई। विभिन्न शिपिंग एजेंसियों, पोर्ट टर्मिनल्स व सीएफसी से निर्यातकों के 456 से अधिक कंटेनर्स अटकाए गए व निर्यातकों से करीब 20 करोड़ रुपए के चार्ज वसूले गए। -----------

सरकार व कस्टम्स को इस संबंध में अवगत कराया गया है। मुन्द्रा पोर्ट के कस्टम्स कमिश्नरेट ने भी इन चार्जेज को लेना गलत माना । प्रयास कर रहे है कि निर्यात पर मिल रहे इस छूट का लाभ निर्यातकों को मिले।

डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

Published on:
04 Jun 2020 10:32 pm