जोधपुर

छत्तीसगढ़ में घुसी टिड्डी, झारखण्ड में अलर्ट, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और नागौर में छितराई टिड्डी से जूझ रही हैं टीमें

टिड्डी मध्यप्रदेश से लगती छत्तीसगढ़ के कोरया जिले में प्रवेश कर चुकी है, जहां किरी और ज्वाराटोला इलाके में आए टिड्डी के छोटे से दल पर स्प्रे करके हाथों-हाथ काबू कर लिया गया। उधर झारखण्ड सरकार ने अपने सभी 24 जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
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locust attack in chhattisgarh and jharkhand
छत्तीसगढ़ में घुसी टिड्डी, झारखण्ड में अलर्ट, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और नागौर में छितराई टिड्डी से जूझ रही हैं टीमें

जोधपुर. टिड्डी मध्यप्रदेश से लगती छत्तीसगढ़ के कोरया जिले में प्रवेश कर चुकी है, जहां किरी और ज्वाराटोला इलाके में आए टिड्डी के छोटे से दल पर स्प्रे करके हाथों-हाथ काबू कर लिया गया। उधर झारखण्ड सरकार ने अपने सभी 24 जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। पाकिस्तान से पिछले तीन दिन से कोई नया दल नहीं आने के कारण फिलहाल राजस्थान के पश्चिमी इलाकों में छितराई टिड्डी से जूझा जा रहा है। मंगलवार को जोधपुर, बीकानेर, नागौर और बाड़मेर में कई जगह टिड्डी पर पेस्टीसाइड स्प्रे किया गया। मध्यप्रदेश के विदिशा में भी कुछ टिड्डी सक्रिय है।

50 से 70 प्रतिशत ही मरती है
वर्तमान में पाकिस्तान से आ रही टिड्डी एकदम व्यस्क है जो हॉपर से परिवर्तित हुई ही है। इस कारण पेड़-पौधों पर बैठी टिड्डी पर अलसुबह व रात को पेस्टीसाइड छिड़कने के बावजूद 50 से 70 प्रतिशत टिड्डी ही मर रही है। शेष टिड्डी उड़ जाती है और अपने सेंसर की मदद से अन्य टिड्डी दलों को देखकर वापस एकजुट होकर बड़ा दल बनाकर हमला करती है।

अप्रेल से अब तक 25 टिड्डी आए
प्रदेश में 11 अप्रेल से हॉपर और 30 अप्रेल से व्यस्क टिड्डी दलों ने पाकिस्तान सीमा पार करके हमला करना शुरू किया था। अब तक 25 टिड्डी दल आए हैं। टिड्डी दल का औसत आकार 2 वर्ग किलोमीटर था जिसमें करोड़ों टिड्डी थी।

शाम को बिंजवाडिय़ां के आसमां पर नजर आई टिड्डी
पिछले कई दिनों से जोधपुर के ग्रामीण हिस्सों में फैली टिड्डी मंगलवार शाम को बिंजवाडिय़ां भी पहुंच गई। बिंजवाडिय़ां के आसमान पर टिड्डी उड़ते देख ग्रामीण सकपका गए। ग्रामीणों ने थालियां बजाकर टिड्डी दल को आगे भगाया। इसके अलावा बिलाड़ा के जसवंतपुरा और खारिया मीठापुर में भी टिड्डी पहुंची, जहां कृषि विभाग ने 20 हेक्टेयर में पेस्टीसाइड स्प्रे किया। फलोदी के सांवरीज, तिंवरी के शिवनगर और बापिणी के कृष्णनगर में टिड्डी नियंत्रित की गई। इस समय सर्वाधिक टिड्डी फलोदी में है जहां मंगलवार को एक ही दिन में सांवरीज में 400 हेक्टेयर में पेस्टीसाइड स्प्रे किया गया। यहां 2 वर्ग किलोमीटर का टिड्डी दल था।

Published on:
03 Jun 2020 10:47 am