
अविनाश केवलिया/जोधपुर. लोकसभा चुनाव के रण में कांग्रेस और भाजपा दोनों एक्टिव मोड में आ चुकी हैं। कांग्रेस की ओर से खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत फ्रंट फुट पर आए हैं। पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में जमीन स्तर पर फीडबैक लिया। कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर गए हैं। इधर, भाजपा ने मंडल स्तर तक प्रवास के कार्यक्रमों को पूरा किया है। निचले स्तर तक फीडबैक लिया जा रहा है। वहीं एयर स्ट्राइक के पहले व बाद में बदले माहौल पर दोनों ही राजनीतिक पार्टियों के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी नजरें गढ़ाए है। चुनावी सीजन में आरएसएस ने भी सक्रिय भागीदारी शुरू कर दी है। हालांकि यह ‘फ्रंट फुट’ पर नहीं बल्कि ‘बैक स्टेज’ कार्य होंगे। अपनी शाखाओं व स्वयंसेवकों से फीडबैक लिया जा रहा है। टिकट फाइनल करने में संघ की भूमिका महत्वपूर्ण साबित होती है। संघ ने स्पष्ट दो बातों की अपील की है।
दो औपचारिक अपील
1. शत-प्रतिशत हो मतदान
संघ इस बार स्पष्ट रूप से अपील कर रहा है कि शत-प्रतिशत मतदान होना चाहिए। इसके लिए जोधपुर प्रांत के सभी 21 जिलों (संघ के संगठन लिहाज से) के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है। एक ट्रेंड ऐसा भी है कि मतदान प्रतिशत बढऩे पर भाजपा को फायदा हुआ है।
2. प्रमाणिकता व प्रतिबद्धता से कार्य करने वाले को वोट
देश हित में प्रमाणिकता व प्रतिबद्धता से कार्य करने वाले समूह के हाथों से देश का विकास व स्वामिभान की रक्षा हो सकती है। ऐसे में राष्ट्रीय कर्तव्य में सजगता से मतदान कर अपना दायित्व निवर्हन करें।
चुनाव से ठीक पहले नई जिला टीम
भाजपा ने चुनाव से ठीक पहले नई जिला टीम जोधपुर में उतार दी है। जिलाध्यक्ष बदलने के बाद इसके कयास लम्बे समय से लगाए जा रहे थे। पिछली बार जहां दो जिला महामंत्री थे तो इस बार यह संख्या चार की गई है। अब नई टीम के पास लोकसभा चुनाव में काम करने के लिए महज डेढ़ माह का ही समय है।
डेमेज कंट्रोल प्रमुख मुद्दा
विधानसभा चुनाव में भाजपा जोधपुर संसदीय क्षेत्र की 8 में से 6 सीट हार गई थी। ऐसे में यहां डेमेज कंट्रोल करना प्रमुख मुद्दा होगा। यहां के पूर्व विधायकों या अन्य बागी नेताओं को मिलाने के लिए भी धरातल पर समर्थन लेने के प्रयास शुरू किए गए हैं।