जोधपुर

Jodhpur Nagar Nigam Election-2020 में कम मतदान ने खींची चिंता की लकीरें, मजबूत बागियों पर नजर

Jodhpur Nagar Nigam दक्षिण के चुनाव में कम मतदान ने कांग्रेस व भाजपा नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। बोर्ड पर कब्जा करने की कोशिश में लगे दोनों ही दल स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की आशंका के चलते मजबूत माने जा रहे निर्दलीयों व बागियों पर नजरें गढ़ा रहे हैं।
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Nov 01, 2020
जोधपुर नगर निगम चुनाव-2020
मतदान के बाद महिला पोलिटेक्निक कॉलेज में मतदान सामग्री जमा करवाने के दौरान काउंटर पर उमड़ी मतदान दलों की भीड़ में खो गई सोशल डिस्टेंसिंग

जोधपुर। नगर निगम दक्षिण के चुनाव में कम मतदान प्रतिशत ने भाजपा व कांग्रेस के नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। दक्षिण के अस्सी वार्डों में 58.76 प्रतिशत मतदान ही हुआ। इससे दोनों ही दलों के समीकरण गड़बड़ाने की आशंका है। इसके मद्देनजर दोनों ही दलों के नेता वार्डों में मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाने वाले निर्दलीय व बागी प्रत्याशियों पर नजरें गढ़ाए हुए हैं।
निगम उत्तर के लिए गत गुरुवार को हुए मतदान में 62.64 प्रतिशत मतदान हुआ था। उम्मीद की जा रही थी कि दक्षिण में इससे ज्यादा मतदान होगा, लेकिन कोरोना के भय के साथ साथ टिकट वितरण के बाद उपजे असंतोष का असर भी मतदान पर दिखाई दिया। टिकट न मिलने से नाराज दोनों ही दलों के कार्यकर्ता मनोयोग से नहीं जुटे। मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने के काम में भी प्रत्याशी और उनके निकटस्थ ही जूझते नजर आए। इस वजह से भी नेताओं की सांसे फूली हुई नजर आई। जिन वार्डों में प्रत्याशियों ने अपने दम पर जोर लगाया, वहां जरूर मतदान प्रतिशत अच्छा रहा। ऐसे वार्डों में जरूर उम्मीद जगी हुई है।

एक एक वार्ड का फीडबैक
मतदान पूरा होने के बाद भाजपा नेताओं ने प्रत्याशियों को बुलाकर या टेलीफोन पर बातचीत करके फीड बैक लिया, वहीं कांग्रेस के नेताओं ने भी विधानसभा क्षेत्र वार प्रत्याशियों से चर्चा की। चूंकि दक्षिण वार्ड में सर्वाधिक वार्ड सूरसागर विधानसभा क्षेत्र के आते हैं और वहां के कई वार्डों में दोनों ही दलों को बागी भी ताल ठोक रहे हैं, ऐसे में दोनों ही दलों के नेताओं की नजर मजबूत दिख रहे बागियों पर भी है। बागियों पर नजर रखने का जिम्मा उनके नजदीकी नेताओं को दिया जा रहा है।

जादुई आंकड़े की जुगत
प्रेक्षकों का मानना है कि कम मतदान प्रतिशत से निगम बोर्ड आसानी से बना लेने की उम्मीद करने वाली भाजपा के लिए चिंता का कारण बना ही है, वहीं कांग्रेस भी कम आशंकित नहीं है। मोटामोटी अनुमान लगाए तो कांग्रेस-भाजपा के बीच कांटे की टक्कर नजर आ रही है। ऐसे में दोनों ही दलों को बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीयों व बागियों की मदद लेनी पड़ सकती है।
सर्वाधिक व न्यूनतम मतदान
दक्षिण के वार्ड संख्या 34 में सर्वाधिक 85.42 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले, जबकि सबसे कम मतदान वार्ड संख्या 56 में हुआ, जहां मात्र 41.84 प्रतिशत मतदाता ही बूथ तक पहुंचे।
मतदान का एक आंकड़ा यह भी
20 प्रतिशत तक मतदान---1 बूथ
20 से 50 प्रतिशत मतदान---49 बूथ
50 से 85 प्रतिशत मतदान---67 बूथ
85 प्रतिशत से अधिक---1

(आकंड़े राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार)

Published on:
01 Nov 2020 11:02 pm