जोधपुर

वादों के रसगुल्ले नहीं, हकीकत की चाशनी परखेंगे लूणी के मतदाता

ग्राउण्ड जीरो से जन-मन : बोले, इस बार प्रत्याशी को देख-परख कर ही लूणी और अपना भविष्य तय करेंगे --लूणी विधानसभा क्षेत्र-
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Oct 21, 2018
Luni's voters will judge the reality of Promises
वादों के रसगुल्ले नहीं, हकीकत की चाशनी परखेंगे लूणी के मतदाता

के. आर. मुण्डियार

जोधपुर.
'लगभग हर चुनाव में उम्मीदवार वादों के रसगुल्ले खिलाते हैं, लेकिन अब यह नहीं चलेगा। इस बार हम वादों रूपी रसगुल्लों की चाशनी परखकर ही मतदान करेंगे।' यह कहना है रसगुल्लों के लिए विख्यात लूणी के मतदाताओं का। लूणी विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का बड़ा दर्द है कि हर चुनाव में वादों के रसगुल्ले खाने के बावजूद उपखण्ड मुख्यालय समेत कई गांवों में पेयजल की समस्या जस की तस है। कई सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। जोजरी व लूणी नदी में प्रदूषित पानी के जहर से मुक्ति दिलाने की बातें हुई, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।

पत्रिका टीम ने लूणी क्षेत्र के मतदाताओं की नब्ज टटोली तो मतदाता खुलकर बोले। अधिकतर मतदाताओं का कहना था कि इस बार वे पार्टी नहीं बल्कि प्रत्याशी देखकर ही लूणी और अपना भविष्य तय करेंगे। क्षेत्र के लोगों की बड़ी टीस यह भी है कि लूणी कस्बे में उपखण्ड मुख्यालय ले जाने से पूरे लूणी क्षेत्र की परेशानी कम होने की बजाय बढ़ गई। गांवों की मुख्यालय तक कनेक्टिविटी बेहद लचर है, इसलिए लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।


दोपहर 12 बजे सांगरिया फांटा पर चर्चा का दौर शुरू किया तो नंदवान निवासी गोदाराम ने कहा, 'लूणी में नेता लोग ईज जातिवाद बढ़ा रिया है।' डोसा बनाने वाला प्रकाश बोला, 'सारा नेता एक जेड़ा ही है, देखें ज्यूं टीका काड रिया है। दो पार्टियां ने देख ली, अब हकरो विकल्प मिलेला जदै ही काम बैठेला।'

क्षेत्र के तनावड़ा फांटा पर चाय-नाश्ते की थड़ी के पास खड़ी मैनादेवी ने कहा कि उसे बीपीएल की सुविधा नहीं मिली। पीने के लिए पानी भी पूरा नहीं मिल रहा। गरीबों की आवाज कोई नहीं सुन रहा। सोहनलाल, थानाराम व श्यामलाल चौधरी बोले, समस्याएं एक हो तो बताएं, लेकिन बड़ी समस्या पीने के पानी की है। कोई सरकार इसके प्रति नहीं सोच रही। जनता हर चुनाव में ठगी जाती है। इस चुनाव में हम नेताओं से जवाब जरूर मांगेंगे और कोई जवाब नहीं मिला तो हम अन्य विकल्प की तरफ बढ़ेंगे।


जोजरी नदी सालावास की रपट पर मिले राकेश गहलोत ने कहा कि हर चुनाव में जोजरी नदी में प्रदूषण का मुद्दा उठता है, लेकिन नदी के सुधार का काम नहीं होता। इस चुनाव में जो भी प्रत्याशी वोट मांगने आएंगे, पहले उनसे यह जवाब मांगेंगे कि जोजरी का सुधार कब होगा। सालावास बस स्टैण्ड पर बस्तीराम बोले, वोट कभी भी जाति के आधार पर नहीं देना चाहिए। पांच साल में लोकतंत्र का मेला लगता है कि इसलिए हर व्यक्ति को प्रत्याशी को देख-परख कर ही वोट देना चाहिए। मानाराम मेघवाल ने कहा कि नोटबंदी कर महंगाई बढ़ा दी, गरीब जनता परेशान हुई, अमीर लोगों का कोई फर्क नहीं पड़ा। वो दर्द गरीब जनता अभी तक भुगत रही है। प्रेम स्वरूप रामावत व नेकाराम गहलोत ने कहा कि अब तक की सरकारों ने जनता को झांसे दिए, जो वादे किए, उन पर कोई काम नहीं हुआ। आदर्श गांव होते हुए सालावास में कोई काम नहीं हुआ। इसलिए इस बार देख-परख कर ही वोट देंगे।

धुंधाड़ा रोड स्थित एक खेत में बाजरी फसल काटने के बाद उसके सिट्टे तोड़ रही महिलाएं बोली, पुराना नोट बंद कर दिया, जी टैम लोग लैण में लाग-लाग चक्कर खाइय ग्या। गिली देवी व सुआ ने कहा, किसानां रे वास्ते कोई काम नी व्है रियो है, मुंगियाड़ो घणो हो ग्यो, आम लोगां रो जीवारो दोरो है।

सरेंचा बस स्टैण्ड पर बैठे पोलाराम सुथार ने कहा कि हमारा मुख्य मुद्दा शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार करवाना है। बुजुर्ग रामाराम ने कहा कि आजकल की युवा पीढ़ी बहुत समझदार हो गई है। किसी के कहने या दबाव से वोट नहीं देगी। जो नेता समस्याएं निपटा देगा, उसे वोट अपने-आप ही मिल जाएंगे।
उपखण्ड मुख्यालय लूणी कस्बे में क्षेत्र की उपेक्षा को लेकर लोग नाराज दिखे। ओमप्रकाश पटेल ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। कई गांवों में पानी है ही नहीं। जेडीए ने गांवों को अधीन कर लिया, लेकिन लूणी में एक बल्ब तक नहीं लगाया। कई प्रमुख सड़कें नहीं बनी। क्षेत्र के लोग अपनी जेब से राशि खर्च कर स्ट्रीट लाइटें लगवा रहे हैं। भगवान सहाय ने कहा कि लूणी की समस्याएं तो 20 साल से झेल रहे हैं। बिजली के खम्भे लगवाने को खड्डे खोदने के लिए ठेकेदार हमसे पैसे मांगता है। इस बार जनता ने तय कर लिया है कि अब झूठ के रसगुल्ले नहीं खाएंगे, कोई वादों के रसगुल्ले देने की कोशिश करेगा तो उसकी चाशनी यानि देख-परखने के बाद ही निर्णय करेंगे कि लूणी को किस दिशा में ले जाना है। ---

ये है लूणी क्षेत्र की खास पहचान
-सालावास का दरी उद्योग देश-दुनिया तक प्रसिद्ध है।

-लूणी के रसगुल्लों की अपनी अलग पहचान है।
-क्षेत्र से लूणी व जोजरी नदी गुजरती है, दोनों ही रासायनिक पानी के कारण प्रदूषण की चपेट में हैं।

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लूणी : एक नजर में

विस क्षेत्र में कुल मतदाता-2,90608
पुरुष -1,53733

महिला-1,36875
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2013 का परिणाम
कुल वैध मत पड़े- 183787

जोगाराम पटेल (भाजपा)-96386
अमरीदेवी विश्रोई (कांग्रेस)-60446

नोटा- 3322
जीत का अंतर-35940

Published on:
21 Oct 2018 05:01 am