Compounder Devi Singh Rajpurohit: जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में पुलिस ने इंजेक्शन लगाने वाले कम्पाउंडर को पकड़ लिया है। आरोपी को जमानत मुचलके पर रिहा करते हुए उसकी नर्सिंग डिग्री और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। पुलिस जल्द ही जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी में है।
Sadhvi Prem Baisa Death Case Update: जोधपुर के बोरानाडा थानान्तर्गत पाल के आरती नगर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में इंजेक्शन लगाने वाले कम्पाउण्डर को आखिरकार पुलिस ने पकड़ लिया। फिलहाल उसे जमानत मुचलके पर रिहा किया गया। उसकी नर्सिंग डिग्री की जांच की जा रही है। जांच में कुछ संदिग्ध सामने आया तो पुलिस एक्शन ले सकती है।
सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) छवि शर्मा ने बताया कि प्रकरण में मथुरादास माथुर अस्पताल के नर्सिंग कर्मचारी देवीसिंह राजपुरोहित को पकड़ा गया। उससे पूछताछ की गई। जमानती अपराध होने से पुलिस ने उसका जमानत मुचलका और बंध पत्र भरा। उसे मामले में चालान किए जाने के दौरान कोर्ट में पेश होने के लिए पाबंद किया गया। तत्पश्चात उसे छोड़ दिया गया।
गौरतलब है कि गत 28 जनवरी को आरती नगर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु हो गई थी। इससे पहले सुबह तबीयत खराब हो गई थी। तब कम्पाउण्डर देवीसिंह को बुलाया गया था। वह शाम पांच बजे आश्रम पहुंचा था, जहां उसने डेक्सोना व डायनापार नामक दो इंजेक्शन एक ही सीरींज में भरकर साध्वी प्रेम बाईसा को लगाए थे।
बीस मिनट बाद तबीयत और अधिक खराब हो गई थी। उन्हें पाल रोड पर निजी अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो गई थी। पोस्टमार्टम व एफएसएल रिपोर्ट में अस्थमा में कार्डियक अरेस्ट आने से साध्वी की मृत्यु होना बताया गया था। पुलिस ने इंजेक्शन के रिएक्शन व असर करने के संबंध में दुबारा राय मांगी थी। जिसमें इंजेक्शन से भी मृत्यु होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया था। ऐसे में कम्पाउण्डर के खिलाफ 17 फरवरी को उपेक्षापूर्ण कृत्य से मृत्यु कारित होने की एफआइआर दर्ज की गई थी।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। कम्पाउण्डर देवीसिंह से पांच बार पूछताछ की जा चुकी है। उससे नर्सिंग डिग्री व दस्तावेज भी मांगे गए हैं। संभवत: अगले सप्ताह जांच पूरी कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा सकता है।