
जोधपुर. चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर युवती के नाम की आइडी बनाकर उसकी आवाज में बातचीत कर ल्युब्रिकेंट व्यवसायी को प्रेमजाल में फांसकर पचास लाख रुपए खर्च करवाने वाले युवक को रविवार को गिरफ्तार किया। वह आइएएस की तैयारी कर रहा था। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) उमेश कुमार बिश्नोई के अनुसार प्रकरण में मध्यप्रदेश के हरदा जिले में हण्डिया थानान्तर्गत भंवर तालाब निवासी सिद्धार्थ पटेल (26) पुत्र महेश जाट को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी पिछले ढाई साल से युवती व उसके परिजन बनकर अलग-अलग आवाज में ल्युब्रिकेंट व्यवसायी रवि इनाणिया से बातचीत कर रहा था। इस दौरान उसने व्यवसायी से करीब पचास लाख रुपए खर्च करवा दिए थे। आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने खुद के निर्दोष होने व उल्टा व्यवसायी पर ठगी के आरोप लगाने के प्रयास किए, लेकिन जांच में वह साबित नहीं कर पाया।
अलग-अलग आवाज में बात करने में है सक्षम
आरपीएस अधिकारी व थानाधिकारी आनंदसिंह ने बताया कि आरोपी सिद्धार्थ पटेल ने संजना नाम से फेसबुक पर फर्जी आइडी बनाई थी। फिर वर्ष 2017 में उसने व्यवसायी से मित्रता की और मैसेंजर एप से चैट करने लगा था। फिर व्हॉट्सऐप पर भी चैट होने लगी। मोबाइल कॉल में वह युवती की आवाज में बात करता था। फिर वह युवती का भाई बनकर मिलने के लिए जोधपुर आया था, जहां उसकी मुलाकात रवि से हुई थी। वह तीन बार उससे मिला था। उसने संजना के बीमार होने व इलाज के नाम पर किस्तों में साढ़े तीन लाख रुपए ऐंठ लिए थे।
जो उसने दादी सुगना के खाते में जमा कराए थे। फिर भूत-प्रेत व तांत्रिक विद्या से इलाज कराने के लिए रवि को मध्यप्रदेश के अनेक मंदिर लेकर गया, जहां उससे लाखों रुपए खर्च करवा दिए। उसने विवाह का प्रस्ताव भी रखा। जो उसने स्वीकार कर लिया। सिद्धार्थ ने संजना, उसके पिता, सौतेली मां, बुआ आदि बनकर अलग-अलग नम्बर से व्यवसायी के परिजन से बातें भी कीं। किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ।
मोबाइल सिम से फंसा आरोपी
आरोपी ने कुछ समय पहले युवती की मां बनकर यहां पुलिस कन्ट्रोल रूम में फोन कर पुत्री के व्यवसायी के घर में बंधक होने की सूचना दी थी। पुलिस ने मकान की तलाशी ली थी, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला था। तब व्यवसायी ने पुलिस को शिकायत देकर पूरी हकीकत से अवगत कराया था। आरोपी सिद्धार्थ ने अलग-अलग मोबाइल नम्बर से व्यवसायी व परिजन से बात की थी। जांच में सामने आया कि अधिकांश सिम सिद्धार्थ की निकली थी।