
भोपालगढ़ (जोधपुर). देश के लिए प्राण न्यौछावर कर चुके शहीदों की वीरांगनाएं उन्हें आज भी अमर मानती है, इसलिए तो वे शहादत के बाद भी अपनी करवा चौथ को अजर रखे हुए हैं। वीरांगनाएं इस दिन व्रत रखती है और सुहागिन की तरह ही कामना करती है कि उनको जितने भी जन्म दें, यही वीर पति मिले, जो देश के लिए प्राण तक दे दें।
शहीद कंवर लाल गोदारा सोपड़ा की वीरांगना संतोष के अनुसार पति देश के लिए शहीद हुए हैं और जो देश के लिए शहीद होते हैं उनकी कभी मृत्यु नहीं होती और वह अमर हो जाते हैं। इसी कारण हर वर्ष करवा चौथ पर व्रत रखती है।
इसी तरह बुड़किया गांव के शहीद भूपेंद्र कालीराना की वीरांगना गुड्डी, उस्तरा के शहीद जीवन राम सारण की वीरांगना मंजू देवी, नोसर ओसियां के शहीद गोपाल राम की वीरांगना संतोष देवी भी करवा चौथ का व्रत रखती है। इनका सुहाग देश हित में कुर्बान हो गया, लेकिन ये दिल से मानती है कि वो आज भी उनके साथ है, उनकी कुर्बानी पर गर्व कर कहती है कि वे मरे नहीं हैं, देश के लिए अमर हुए हैं।