जोधपुर

जोधपुर नगर निगम में किसी भी वर्ग से बनेगा मेयर, जिला प्रमुख भी अनारक्षित; फलोदी में जिला प्रमुख का पद महिला के लिए रिजर्व

नगर निगम जोधपुर और जिला प्रमुख जोधपुर के पद अनारक्षित रहेंगे। यानी इन दोनों ही पदों पर किसी भी वर्ग से महिला या पुरुष की दावेदारी रह सकेगी।
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Aug 14, 2026
jodhpur nagar nigam
जोधपुर नगर निगम। पत्रिका फाइल फोटो

जोधपुर। नगर निगम जोधपुर और जिला प्रमुख जोधपुर के पद अनारक्षित रहेंगे। यानी इन दोनों ही पदों पर किसी भी वर्ग से महिला या पुरुष की दावेदारी रह सकेगी। वहीं, जिला प्रमुख फलोदी का पद अनारक्षित (महिला) का रहेगा। जयपुर में गुरुवार को निकाली लॉटरी में दोनों पद अनारक्षित घोषित किए गए। वर्ष 2020 में राज्य सरकार ने नगर निगम जोधपुर को उत्तर व दक्षिण में बांट दिया था। यह दोनों पद अनारक्षित महिला के थे।

निगम उत्तर की महापौर कांग्रेस की कुंती देवड़ा परिहार रही थी और दक्षिण की महापौर भाजपा की वनिता सेठ रही थी। भाजपा सरकार ने दो निगम की जगह फिर से एक ही निगम कर दिया है। अब यह पद अनारक्षित रहेगा। जिला परिषद जोधपुर में निवर्तमान जिला प्रमुख का पद अनारक्षित महिला का था। हालांकि जिला प्रमुख जोधपुर के पद पर लीला मदेरणा रहीं। जो अब लॉटरी के बाद अनारक्षित हो गया है। यानी किसी वर्ग से महिला या पुरुष जिला प्रमुख बन सकेगा।

जोधपुर जिले में निकाय प्रमुख के पद

निकायआरक्षण वर्ग
नगर निगम जोधपुरअनारक्षित
नगर पालिका बिलाड़ाओबीसी
नगर पालिका पीपाड़ शहरअनारक्षित (महिला)
नगर पालिका भोपालगढ़ओबीसी
नगर पालिका बालेसर सत्ताओबीसी (महिला)
नगर पालिका तिंवरीएससी
नगर पालिका मथानियाएससी (महिला)

(भोपालगढ़, बालेसर सत्ता, तिंवरी व मथानिया नगर पालिका नई बनी)

फलोदी जिले में निकाय प्रमुख के पद

निकायआरक्षण वर्ग
नगर परिषद फलोदीअनारक्षित
नगर पालिका बापएससी (महिला)

पंचायत चुनाव में प्रमुख पद

श्रेणीवर्ग
जिला प्रमुख जोधपुरअनारक्षित
जिला प्रमुख फलोदीअनारक्षित (महिला)


लम्बी होगी इस बार गांवों में नेताओं की कतार

पंचायत पुनर्गठन के बाद इस बार गांवों में चुनावी मैदान पहले से ज्यादा बड़ा नजर आएगा। जोधपुर और फलोदी में दो जिला परिषदों तथा पंचायत समितियों की संख्या बढ़ने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के पद भी बढ़ेंगे। ऐसे में चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं की संख्या बढ़ना तय माना जा रहा है। जोधपुर और फलोदी जिलों में पुनर्गठन के बाद कुल 337 नई ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आई है। नई ग्राम पंचायतों के गठन के साथ ही सरपंचों की संख्या भी बढ़ेगी। इसके अलावा पंचायत समितियों के पुनर्गठन का असर पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों की संख्या पर भी पड़ेगा।

अब तक ग्रामीण राजनीति में सक्रिय रहे कई नेताओं के सामने नए क्षेत्र और नए समीकरण होंगे। नई ग्राम पंचायतों के गठन से स्थानीय भी स्तर पर नेतृत्व के लिए नए चेहरे सामने आ सकते हैं। वहीं पहले से राजनीति में सक्रिय नेता भी नए क्षेत्रों में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करेंगे। पंचायत समितियों की संख्या बढ़ने से प्रधान पदों की संख्या भी बढ़ेगी। इसी तरह दोनों जिलों में जिला परिषदों के गठन से जिला परिषद सदस्यों के पदों में भी बदलाव होगा। ऐसे में आगामी पंचायत चुनावों में टिकट की दावेदारी से लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरण तक बदलने की संभावना है।

नए पदों से बढ़ेगी सियासी हलचल

-2 जिला परिषद
-9 नई पंचायत समितियां
-337 नई ग्राम पंचायतें
-बढ़ेंगे सरपंच और पंचायत समिति सदस्य
-जिला परिषद सदस्यों की संख्या में भी बदलाव

100 में से 35 वार्ड में आरक्षण, महिलाओं के लिए 34 वार्ड आरक्षित

निकाय चुनाव के लिए नगर निगम जोधपुर में 100 वार्ड रहेंगे। राज्य के स्वायत्त शासन विभाग ने वार्डों का वर्गीकरण की घोषणा की है। इसके तहत निगम जोधपुर में 35 प्रतिशत वार्ड आरक्षित रहेंगे। शेष 65 वार्ड अनारक्षित वर्ग के लिए रखे गए है। वहीं, आधी आबादी यानि महिलाओं के लिए 34 प्रतिशत वार्ड रिजर्व रखने की घोषणा की गई है।

पांच साल पहले थे 160 वार्डः वर्ष में 2020 सम्पन्न नगर निगम के चुनाव में निगम को उत्तर व दक्षिण में बांटा गया था। प्रत्येक वार्ड में 80-80 यानि कुल 160 वार्ड रखे गए थे। सत्ता बदलने के बाद गत वर्ष भाजपा सरकार ने फिर से निगम का एकीकरण कर दिया था और वार्डों की संख्या भी 100 कर दी थी।

जोधपुर जिले के निकायों में वार्डों का आरक्षण

निकायकुल वार्डSCSC महिलाST/SC-STST/SC-ST महिलाOBCOBC महिलाअनारक्षितअनारक्षित महिला
नगर निगम जोधपुर10094111374322
नगर पालिका बिलाड़ा40520053178
नगर पालिका पीपाड़ शहर35320052178
नगर पालिका भोपालगढ़25311032158
नगर पालिका बालेसर सत्ता25210032105
नगर पालिका तिंवरी25321032104
नगर पालिका मथानिया25420032104
नगर परिषद फलोदी40329005183
नगर पालिका बाप2031003184