
जोधपुर. जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय से संबद्ध एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के यांत्रिक विभाग की ओर से आयोजित पांच दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम के तीसरे दिन बुधवार को लेजर तकनीक पर आधारित 3डी प्रिंटिंग मशीनों पर सत्र आयोजित किया गया।
एआईसीटीई की ओर से प्रायोजित कार्यक्रम के संयोजक यांत्रिक विभाग के डॉ कैलाश चौधरी ने बताया कि पहले सत्र में भी एनआईटी नागपुर के मैकेनिकल विभाग के प्रोफेसर डॉ टीवीके गुप्ता ने प्रतिभागियों को मेटल 3डी प्रिंटिंग प्रक्रिया में लेजर के उपयोग की संभावनाओं और संबंधित चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह तकनीक खराब हो चुके कलपुर्जों के मरम्मत के लिए उपयोगी साबित हुई है। दूसरे सत्र में एनआईटी वारंगल मैकेनिकल विभाग के प्रोफेसर वाई. रवि कुमार ने 3डी प्रिंटिंग की जटिल शल्य क्रियाओं में सफलतापूर्वक प्रयोग के बारे में जानकारी दी।
पांच दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में 150 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इसमें तकनीकी शिक्षा से जुड़े शिक्षक, शोधकर्ता, वैज्ञानिक और विभिन्न उद्योगों से जुड़े अभियंता और तकनीशियन शामिल है।