जोधपुर

बीटैक पैटर्न बदलने की मांग, एमबीएम कॉलेज को किया बंद

- एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज का मामला - 3 घण्टे तक कॉलेज में विरोध प्रदर्शन - सेमेस्टर बैक करने की बजाय अगली कक्षा में पदोन्नत करने की मांग
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jnvu jodhpur
बीटैक पैटर्न बदलने की मांग, एमबीएम कॉलेज को किया बंद

जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से सम्बद्ध एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों ने सालों पुराने बीटैक परीक्षा पैटर्न बदलने की मांग को गुरुवार को तीन घण्टे तक विरोध प्रदर्शन किया। छात्र कॉलेज का मुख्य दरवाजा बंद करके बैठ गए। समझाइश के लिए पुलिस भी आई लेकिन छात्र नहीं माने। इसके बाद कॉलेज डीन और सभी विभागाध्यक्षों के साथ छात्रों की बैठक हुई। कॉलेज प्रशासन ने इस मुद्दे को एकेडमिक काउंसिल की बैठक में रखने का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि चुनाव आयोग की ओर से दुबारा गुरुवार सुबह 6 बजे से ही धारा-144 लागू की गई थी।


छात्रसंघ उपाध्यक्ष दिनेश पंचारिया के नेतृत्व में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने सुबह 11 बजे विरोध प्रदर्शन शुरू किया। सभी कक्षाएं बंद करवा दी गई। कक्षाओं से छात्रों को बाहर निकाला गया। इसके बाद छात्रों ने कॉलेज परिसर में ही विशाल रैली निकालकर अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। प्रदर्शन करते हुए छात्र कॉलेज के मुख्य द्वार पर पहुंचे और दरवाजा बंद कर दिया। इससे कॉलेज में प्रवेश करने वाले कई जने बाहर ही अटक गए। कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आकर समझाइश की। पुलिस ने छात्रों ने समझाइश की। अभी चुनाव की आचार संहिता है और धारा-144 लागू हो गई है, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। छात्रसंघ सलाहकार डॉ. सुरेश सांखला ने आकर छात्रों ने बातचीत की। इसके बाद छात्रों का प्रतिनिधिमण्डल कॉलेज डीन प्रो. श्रीकांत ओझा सहित अन्य एचओडी से मिला।

यह है मांग
पंचारिया ने बताया कि एमबीएम कॉलेज में बीटैक परीक्षा के सेमेस्टर में तीन से अधिक विषय में फेल होने पर छात्र को सेमेस्टर बैक करार दिया जाता है यानी उसे फिर से पूरा सेमेस्टर करना होता है, जबकि अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों को अगली कक्षा में पदोन्नति कर अनुतीर्ण रहे विषयों की परीक्षा देनी होती है। एमबीएम कॉलेज के छात्रों ने भी इसी पैटर्न को लागू करने की मांग की। हालांकि एमबीएम कॉलेज में यह भी प्रावधान है कि अगर छात्र ने सभी प्रायोगिक विषय पास कर लिए हैं तो उसे तीन से अधिक विषय में फेल होने के बावजूद अगली कक्षा में पदोन्नत कर दिया जाता है, लेकिन एमबीएम कॉलेज में प्रायोगिक विषय में भी कई छात्र-छात्राएं फेल हो जाते हैं।

Published on:
29 Nov 2018 10:30 pm