जोधपुर

एमडीएम अस्पताल: हार्ट के ब्लॉकेज में जमा कैल्शियम को ध्वस्त कर 80 वर्षीय बुजुर्ग को लगाया स्टेंट

इंट्रावेस्क्यूलर शॉक वेव लिथोट्रप्सी तकनीक का कमाल, एमडीएम अस्पताल ने रचा इतिहास
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Feb 08, 2020
एमडीएम अस्पताल: हार्ट के ब्लॉकेज में जमा कैल्शियम को ध्वस्त कर 80 वर्षीय बुजुर्ग को लगाया स्टेंट
एमडीएम अस्पताल: हार्ट के ब्लॉकेज में जमा कैल्शियम को ध्वस्त कर 80 वर्षीय बुजुर्ग को लगाया स्टेंट

जोधपुर. मथुरादास माथुर अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग ने अस्सी वर्षीय एक बुजुर्ग के हार्ट के ब्लॉकेज में जमा कैल्शियम को लिथोट्रप्सी बैलून की मदद से अल्ट्रा सोनिक तरंगों के जरिए हटा दिया। राज्य के किसी भी सरकारी अस्पताल में इस तरह का सफल ऑपरेशन पहली दफा हुआ है। नाम की यह तकनीक गत माह भारत देश में आई थी। अमरीका इसका इस्तेमाल साल 2017 से कर रहा है।
कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव सांघवी और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पवन सारडा ने बताया कि मरीज चंद्रशेखर बोहरा (80) सांस फूलने और सीने में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आए थे। चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत भर्ती कर हृदय की जांच की तो तीन जगह ब्लॉकेज में कैल्शियम भरा हुआ था। उम्र ज्यादा होने के कारण बाइपास सर्जरी में खतरा था और ब्लॉकेज में कैल्शियम के कारण एंजियोप्लास्टी में स्टेंट जाना मुश्किल था। इसे देखते हुए चिकित्सकों ने शॉक वेव लिथोट्रपसी बैलून का इस्तेमाल किया। इसके अल्ट्रा सोनिक ट्रांसमीटर से निकलने वाली सोनिक प्रेशर तरंगों ने धमनी में जमा कैल्शियम को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद बोहरा के स्टेंट लगाए गए। एमडीएम के चिकित्सकों ने यह ऑपरेशन बिना बाहरी डॉक्टर्स की मदद से किया। डॉ. ललित, डॉ. अंशुल, ओमाराम, सरोज, रणवीर व प्रीति ने ऑपरेशन में सहयोग किया। चैलेंजिंग केस के लिए जताई प्रतिबद्धता

डॉ. सारडा ने चिकित्सकों पर विश्वास जताने के लिए मरीज व उनके परिजन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के चैलेजिंग केस को निबटाने में अस्पताल प्रशासन सदैव प्रतिबद्ध रहेगा। हृदय के गंभीर मरीजों के उपचार के लिए आगे भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

Published on:
08 Feb 2020 09:41 pm