
दिलावरसिंह राठौड़. बेलवा/ जोधपुर. कोरोना महामारी के बीच रेड अलर्ट के साथ सख्त लॉकडाउन में जहां किराणा दुकानों के खोलने की समय सीमा संबधी पाबंदियां बढ़ा दी हैं लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि हाइवे पर संचालित दुकानों में बिना लाइसेंस के मांस काटकर बेचा जा रहा है। हरियाणा व बाहरी क्षेत्रों के लोग जमीन किराए पर लेकर ढाबा लगाकर खुले में बकरों को काट रहे हैं वहीं उसके मांस को खुला ही बेच रहे हैं। काटे गये जानवरों के अवशेषों को भी खुले में फेंकने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता हैं। ऐसे के हो रही गंदगी से कोविड के साथ संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ हैं। प्रशासन की अनदेखी के चलते बिना किसी खौफ के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मांस बिक्री का कारोबार पिछले समय से चल रहा है। वहीं हाइवे से गुजर रहे प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मानो इससे मुंह फेर लेते हैं। प्रिवेंशन ऑफ क्रूएल्टी टू एनिमल एक्ट 1960 के तहत अवैध तरीके से मांस की दुकान लगाना और पशुओं की हिंसा करना प्रतिबंधित है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियो से अवैध दुकानों के खिलाफ उचित कार्रवाही की मांग की हैं। निसं
इनका कहना है
राष्ट्रीय राजमार्ग 125 पर 52 मील के पास अवैध रूप से मांस की दुकान संचालित होने के बारे में जानकारी मिली है। सेखाला चौकी के पुलिसकर्मियों को निर्देशित कर इनके खिलाफ महामारी एक्ट के तहत कार्यवाही करके बंद करवाई जायेगी।
देवेंद्रसिंह, थानाधिकारी
पुलिस थाना शेरगढ़।