जोधपुर

सोशल प्राइड : एनीमिया ग्रसित बच्चे के परिवार में डोनर नहीं था, जांच करने वाले असिस्टेंट ने खुद किया रक्तदान

शहर के उम्मेद अस्पताल में ओपीडी सेवाओं के दौरान एनीमिया ग्रसित एक बच्चे की जान बचाने के लिए प्रेरक वाकया सामने आया। जब ड्यूटी कर रहे शिशु रोग विभाग ने बच्चे को तुरंत रक्तदान की जरुरत होने पर खुद ही ब्लड डोनेट किया और उसकी जान बचाई।
less than 1 minute read
Women took initiative to donate blood
Women took initiative to donate blood

जोधपुर. शहर के उम्मेद अस्पताल में ओपीडी सेवाओं के दौरान एनीमिया ग्रसित एक बच्चे की जान बचाने के लिए प्रेरक वाकया सामने आया। जब ड्यूटी कर रहे शिशु रोग विभाग ने बच्चे को तुरंत रक्तदान की जरुरत होने पर खुद ही ब्लड डोनेट किया और उसकी जान बचाई।

दरअसल, देसूरी क्षेत्र से एक वर्षीय बच्चा वासुदेव गंभीर अवस्था में उम्मेद अस्पताल में पहुंचा है। एनीमिया ग्रसित था और हिमोग्लोबिन 2 के करीब था। उसे तुरंत रक्त चढ़ाने की जरूरत थी। ओपीडी में शिशु रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हरीश मौर्य ने जांच की और परिजनों को तुरंत ब्लड की व्यवस्था करने को कहा। लेकिन परिजनों में से कोई भी रक्त देने में सक्षम नहीं था।

मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉ मौर्य ने स्वयं ही रक्तदान किया और उसके बदले में मरीज को ए पॉजीटिव रक्त की कमी पूर्ति की। जिससे बच्चे को तुरंत रक्त चढ़ाया गया और उसकी जांच बचाई जा सकी। बच्चे को इसके बाद वार्ड में शिफ्ट किया गया, जिसकी स्थिति में सुधार बताया गया है।

चौथी बार किया रक्तदान
डॉ. मौर्य ने बताया कि उन्होंने चौथी बार रक्तदान किया है। इससे पहले एक बार पाली में कार्यरत रहते हुए वहां भी ऐसे ही एक जरूरत मंद बच्चे को उन्होंने रक्त दिया था, जिससे उसकी जांच बचाई जा सकी थी।

Published on:
03 Feb 2020 02:24 pm