जोधपुर

तीन मौतों के बाद स्क्रीनिंग करने गई चिकित्सा टीम को झेलना पड़ा विरोध

-लोगों ने कहा दवा नहीं लाए तो क्या करने आए? -बाइजी के तालाब क्षेत्र का मामला
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Jan 03, 2019
Medical team to face Public Protest after three deaths
तीन मौतों के बाद स्क्रीनिंग करने गई चिकित्सा टीम को झेलना पड़ा विरोध

जोधपुर.

बाईजी के तालाब क्षेत्र में स्वाइन फ्लू से तीन जनों की मौत के बाद स्क्रीनिंग करने गई चिकित्सा विभाग की टीम को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
टीम के सदस्यों ने मृतक लक्ष्मण के परिजन के नाम पूछने के दौरान लोगों ने सवाल किया कि जब आपके पास दवा ही नहीं है तो यहां क्यों आए? लोगों ने कुछ दिन पहले हुई मौत के बाद भी कई घरों की स्क्रीनिंग नहीं करने व दवा नहीं देने का आरोप लगाते हुए चिकित्सा स्टाफ को आड़े हाथों लिया।

चिकित्सा स्टाफ के विरोध की जानकारी मिलने पर सीएमएचओ डॉ. सुनिलकुमार बिस्ट ने डिप्टी सीएमएचओ डॉ. पीआर गोयल को मय दल मौके पर भेजा। डॉ. गोयल ने लोगों की पीड़ा सुनी और सभी घरों में टेमीफ्लू की दवा वितरित की। क्षेत्रवासी राजेश बोराणा सहित कई लोगों का कहना है कि कई दिन पहले चिकित्सा विभाग को बता दिया था कि क्षेत्र में खांसी-जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं। इसके बाद भी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं होने से डेंगू से भी कुछ लोगों की जान चली गई। डॉ. बिष्ट ने बताया कि स्वाइन फ्लू के रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रोकथाम के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।


स्वास्थ्य विभाग व एम्स जोधपुर की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर आसपास के लोगों की स्क्रीनिंग कर संदिग्ध मरीजों को टेमीफ्लू की दवाइयां वितरित की। लोगों को स्वाइन फ्लू के बारे में जानकारी देतेे हुए बताया कि इससे घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं। स्वाइन फ्लू के जरा भी लक्षण सामने आते ही अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर चिकित्सक से तुरंत सम्पर्क परामर्श लेना चाहिए। सभी सरकारी चिकित्सालयों में स्वाइन फ्लू की दवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई है।

Published on:
03 Jan 2019 12:27 am