
जयकुमार भाटी/जोधपुर. चीन में कोरोना वायरस फैलने का केंद्र माने जा रहे एक करोड़ से ज्यादा आबादी वाले वुहान शहर में आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। वहां फंसे भारतीय विद्याथियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस शहर में लगभग सात सौ भारतीय विद्यार्थियों का रहना बताया जा रहा हैं। इनमें से ज्यादातर मेडिकल के विद्यार्थी हैं। वुहान में फंसे भारतीय विद्यार्थियों को यात्रा प्रतिबंधों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
घबराए हुए भारतीय विद्यार्थी
जोधपुर जिले के ओसियां की एक छात्रा निकिता बेनिवाल भी वहां फंसी हुई है। उन्होंने सोशियल मीडिया केजरिए पत्रिका से संपर्क कर वहां पेश आ रही परेशानियों से अवगत करवाया। एमबीबीएस कर निकिता के अनुसारवुहान के जिआंगहां विश्वविद्यालय में 47 भारतीय विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। जिनमें राजस्थान के करीब 15 विद्यार्थी उनके साथ हैं। ये सभी जोधपुर के अलावा कोटा व बाड़मेर से हैं।
पच्चीस दिन से हॉस्टल में कैद
निकिता ने बताया कि 25 दिनों से सभी हॉस्टल में ही कैद हैं। खाने-पीने की बहुत समस्या है। विश्वविद्यालय ने भी विद्यार्थियों से कमरे के अंदर ही रहने और मास्क पहन कर रहने की हिदायत दे रखी है। सभी विद्यार्थी अपने कमरों में हैं और सिर्फ अगल बगल वाले दोस्तों के कमरों में जा रहे हैं। सभी ठीक तो हैं लेकिन डरे हुए हैं। मास्क लगाए रखने के बाद भी वायरस का डर हर समय सताता रहता हैं। बाहर बाजार बंद होने से सडक़े भी सूनी नजर आती है। एटीएम बंद पड़े है। ट्रेन, मेट्रों व फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है।
भारतीय दूतावास से संपर्क का प्रयास
निकिता के अनुसार विद्यार्थियों ने विवि प्रशासन के माध्यम से भारतीय दूतावास से सम्पर्क करने का प्रयास भी किया हैं। लेकिन अभी तक मदद का इंतजार है। जब तक भारतीय दूतावास स्वदेश वापसी के इंतजाम नहीं करेगा, तब तक यहां से निकलना मुश्किल होगा।