
जोधपुर. देवलिया गांव के रूप सिंह की ढाणी में मंगलवार सुबह क्रैश हुए मिग-27 ने जैसे जख्मों पर नमक का काम किया है। साल 2016 की 13 जून की वह दोपहर जोधपुरवासियों को आज भी याद है जब तेज धमाके साथ वायुसेना का मिग-27 कुड़ी भगतासनी क्षेत्र स्थित एक घर की दीवार में जा घुसा था। इससे अफरा-तफरी मच गई थी। कुड़ी भगतासनी स्थित महावीर नगर के अपने घर में ट्यूशन ले रही स्वयंज्योति जोशी हमेशा की तरह पास में रहने वाले दो बच्चे लवेश और मनन्य को ट्यूशन पढ़ा रही थीं कि अचानक हुए इस हादसे से सब सहम गए थे। स्वयंज्योति ने घटनावाले दिन बताया था कि तेज धमाका होने के बाद जैसे ही वे लोग बाहर निकले तो देखा एक विमान उनक लोगों की ओर ही आ रहा था। उन्होंने बच्चों को बाहर निकाला और शोर सुनने के बाद उनका भाई भी बाहर आ गया था। इससे उन सभी की जान बच गई थी।
मंदिर से लौटी मां ने बयां की थी दर्दनाक दास्तां
टीचर जोशी की मां घटना के समय मंदिर में थी। घर से खुशी-खुशी निकली थीं, लेकिन जब लौटीं तो जो मंजर देखा तो उसके बाद दुख का पहाड़ टूट पड़ा। मेहनत से संवारे अपने आशियाने को यूं बिखरा देख उनकी आंखों से आंसू निकल गए। हालांकि उन्होंने कहा कि वे बहुत खुश हैं कि चारों बच्चे बच गए और उन्हें मामूली खरोंच तक नहीं आई। ज्योति ने बताया था कि मौत और हमारी जिंदगी के बीच महज कुछ पलों का फासला था। यदि आवाज सुनकर हम घर से बाहर नहीं निकलते तो शायद जिंदा नहीं बच पाते।
विमान दीवार तोड़ घर में घुसा था
हादसे में विमान सबसे पहले सामने वाले मोतीलाल के मकान की बालकनी को तोड़ता हुआ नीचे पड़ी कार से टकराता हुआ मिट्टी में आ गिरा था। इसके बाद उछल कर वह उनके मकान में जा घुसा था। कार से टकराने की वजह से जोरदार धमाका हुआ था और वे सब चिल्लाते हुए बाहर आ गए थे। उन्होंने बताया था कि उनकी आंखों के सामने प्लेन उछल कर मकान की दीवार तोड़ लगभग अंदर घुस गया था। गनीमत रही कि वे लोग बाहर आ गए थे। प्लेन का लगभग एक तिहाई हिस्सा मकान में घुस गया था और मकान की दीवारें ढह गईं थी।