जोधपुर

शीतला माता मंदिर मेला में पिछले डेढ़ माह से बैठे हैं झूला व दुकान लगाने वाले, लगाई घर भेजने की गुहार

शीतला माता मंदिर परिसर में लगने वाले मेले में झूले लगाने व खिलौनों की दुकान लगाने आए करीब 40 जने पिछले करीब डेढ़ माह से जोधपुर में फंसे हुए है। शनिवार को यह लोग नागौरी गेट थाना पहुंचे तथा थानाप्रभारी जब्बरसिंह को अपनी व्यथा बताई।
less than 1 minute read
migrants are waiting to go home during coronavirus lockdown
शीतला माता मंदिर मेला में पिछले डेढ़ माह से बैठे हैं झूला व दुकान लगाने वाले, लगाई घर भेजने की गुहार

जोधपुर. शीतला माता मंदिर परिसर में लगने वाले मेले में झूले लगाने व खिलौनों की दुकान लगाने आए करीब 40 जने पिछले करीब डेढ़ माह से जोधपुर में फंसे हुए है। शनिवार को यह लोग नागौरी गेट थाना पहुंचे तथा थानाप्रभारी जब्बरसिंह को अपनी व्यथा बताई। उन्होंने कहा कि वे घर जाना चाहते हैं। साथ ही मेले में झूलों का टेंडर लेने वाले इस्माइल खान ने कहा कि झूले लगाने के लिए उन्होंने टेंडर भरते समय साढ़े दस लाख रुपए की अमानत राशि जमा करवाई थी लेकिन लॉकडाउन के चलते मेला बंद हो गया। जिससे झूले भी नहीं चले। ऐसे में हमारी अमानत राशि निगम वापस दे तथा घर जाने की व्यवस्था करें। उन्होंने बताया कि उनके नहाने, धोने व भोजन की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। थानाप्रभारी से मिलते समय इस्माइल खान, अकरम खान सहित कई जने उपस्थित रहे।

लॉकडाउन में फंसे विद्यार्थियों के घर जाने की करवाई व्यवस्था
प्रदेश में लॉकडाउन के कारण जोधपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में पढऩे वाले कोटा की दो छात्राओं व एक छात्र तथा उदयपुर की एक छात्रा को अपने घर जाने में समस्या आ रही थी। शनिवार को राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा संगीता बेनीवाल के यह प्रकरण संज्ञान में आया तो उन्होंने अतिरिक्त जिला कलक्टर मदनलाल नेहरा से मिलकर इन बच्चों को उनके घर कोटा एवं उदयपुर भिजवाने के संबंध में पास तथा अन्य आवश्यक व्यवस्था करवाई। जिस पर विद्यार्थियों ने उनका आभार जताया।

Updated on:
10 May 2020 12:02 pm
Published on:
10 May 2020 12:02 pm