
जोधपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ( Indian Council of Agricultural Research ) ( ICAR ) से सम्बद्ध केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) ( CAZRI ) ने बाजरे के फ्लेक्स से चॉकलेट ( Millet Chocolate ) बनाई है। स्वाद व पौष्टिकता में इसे बेहतर बताया गया है। एक चॉकलेट की कीमत 5 रुपए होगी। काजरी ने इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया है।
हाल ही जोधपुर आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवद्र्धन ने चॉकलेट चखी तो प्रतिक्रिया दी थी कि इसकी तकनीक इंडस्ट्री को ट्रांसफर की जानी चाहिए। सामान्यत: चॉकलेट में कोको, चीनी और वसा का इस्तेमाल होता है। काजरी ने बाजरा मिलाकर इसकी पौष्टिकता बढ़ाई है। हालांकि चॉकलेट खाने से पता ही नहीं चलता कि इसमें बाजरा मिला हुआ है। इसे बनाने की विधि गुप्त रखी गई है। इसका टेस्ट ऐसा है कि एक बार खाने के बाद बार-बार खाने का मन करता है।
सौ ग्राम बाजरे की चॉकलेट में ये तत्व
पोषक तत्व---मात्रा
ऊर्जा----550 कैलोरी
कैल्शियम---- 0.50 मिलीग्राम
प्रोटीन----8.72 ग्राम
वसा----7.01 ग्राम
फाइबर----0.10 ग्राम
मिनरल साल्ट----2.8 मिलीग्राम
आयरन----1.1 मिलीग्राम
फास्फोरस----0.24 मिलीग्राम
किसानों को होगा सीधा फायदा
- बाजरा ग्लूटिन फ्री होता है, जो ओमेगा-3, ओमेगा-6, ओमेगा-9 और फाइबर से भरपूर अनाज है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम है लेकिन प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी में कमी और ‘गरीब का भोजन’ जैसा मिथक जुड़ा होने के कारण इसका उपयोग कम होता है। बाजरे की चॉकलेट बाजार में आने से यहां के किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
डॉ. ओपी यादव, निदेशक, काजरी, जोधपुर
इसलिए चुना बाजरा
- देश में सर्वाधिक बाजारा राजस्थान में होता है। इसमें गेहूं, चावल, जौ व ज्वार की तुलना में अधिक पौष्टिक तत्व होते हैं। इसमें प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और पोटेशियम की मात्रा प्रति इकाई काफी अधिक होती है। इसलिए चॉकलेट बनाने के लिए बाजरे का फ्लेक्स चुना गया।
डॉ. सोमा श्रीवास्तव, वैज्ञानिक, काजरी, जोधपुर (चॉकलेट सोमा ने ही बनाई है)