
जोधपुर।
मिस्र की स्वेज नहर में पिछले छह दिन से फसा मालवाहक जहाज एवरग्रीन आखिरकार मंगलवार को चल पड़ा। इससे चिंतित जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों ने राहत की सांस ली है । जहाज के नहर में फ ंसने से दोनों तरफ करीब 320 से ज्यादा मालवाहक जहाज फस गए थे। जिसमें जोधपुर से मुन्द्रा पोर्ट द्वारा यूरोप व अमरीका के इस्ट कोस्ट के लिए रवाना किए गए हैण्डीक्राफ्ट के कंटेनर भी फं से पड़े थे । हालांकि अभी इसकी सही संख्या का आकलन नहीं हो पाया है, निर्यातकों के अनुसार इनकी संख्या करीब 100 कंटेनर्स से अधिक बताई जा रही है। इससे अब ये कंटेनर्स करीब 15 दिनों की देरी से गन्तव्य देशों तक पहुंचेंगे । समय पर माल की सप्लाई न होने से निर्यातकों को करोड़ों का नुकसान हो सकता है। विशालकाय कंटेनर जहाज को आंशिक रूप से निकाल लिया गया है। इससे अब ट्रैफि क फि र से खुल गया है। परन्तु ट्रेफिक को पूरी तरह क्लीयर होने में अभी भी 2-3 दिनों का समय लगेगा।
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1300 फीट लंबा जहाज, क्रू में 25 भारतीय भी
पनामा के कंटेनर जहाज एवरग्रीन एशिया से यूरोप के बीच माल ढुलाई का काम करता है। इसकी लंबाई 1300 फ ीट है। 23 मार्च को स्वेज नहर में यह जहाज फं सने से दोनों तरफ का यातायात बाधित हो गया था। इस जहाज के क्रू में करीब 25 भारतीय भी है।
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