जोधपुर

जोधपुर के इस मंदिर में चढ़ता है मिर्चीबड़े का प्रसाद

आस्था और मान्यता... - भूतेश्वर वन खण्ड में बना है 500 साल पुराना जबरनाथ महादेव मंदिर
2 min read
Aug 18, 2018
Mirchi Bada's Prasad ascends in this temple of Jodhpur
जोधपुर के इस मंदिर में चढ़ता है मिर्चीबड़े का प्रसाद

के. आर. मुंडियार

जोधपुर.


देश दुनिया में जोधपुर की खास पहचान बन चुका मिर्चीबड़ा इस मंदिर में प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। मान्यता है मिर्चीबड़े का प्रसाद चढ़ाने से लोगों की मनोकामना पूरी होती है।

आम तौर पर लगभग हर मंदिर में प्रसाद के तौर पर मिष्ठान चढ़ता है, लेकिन जोधपुर के जबरनाथ महादेव मंदिर में जबर बाबा को कई सालों से मिर्चीबड़े का ही प्रसाद चढ़ाया जा रहा है। प्रतापनगर के निकट भूतेश्वर वन खण्ड क्षेत्र में करीब 500 साल पुराना जबरनाथ महादेव का प्राचीन मंदिर है। यहां शहर के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। यहां भगवान महादेव व उनके परिवार की मूर्तियों के अलावा प्राचीन शिवलिंग स्थापित हैं। यहां आराध्य देवी मां, हनुमानजी के मंदिर भी हैं। मंदिर ट्रस्टी शशि कुमार रामदेव बताते हैं, सालों पहले यहां मंदिर में मठाधीश सोमेश्वर गिरी महाराज जबर बाबा ने तपस्या की थी। वर्ष 1992 में जबर बाबा के ब्रह्मलीन होने पर उनकी समाधि मंदिर में ही बनाई गई। हर साल 19 अगस्त को मंदिर में पाटोत्सव मनाया जाता है। जिसमें कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

ऐसे शुरू हुआ मिर्चीबड़े का प्रसाद-
ट्रस्टी शशिकुमार रामदेव के अनुसार जबर बाबा महाराज ने यहां सालों तपस्या की है। उन्हें बाहर के भोजन के रूप में मिर्ची बड़ा ही पसंद था। उनके शिष्य जब उनके लिए मिर्चीबड़ा लाते तो वे उसमें से थोड़ा ग्रहण करके बाकी मिर्चीबड़े को प्रसाद के रूप में बांट देते थे। तब से मंदिर में मिर्ची बड़े के प्रसाद का चलन शुरू हो गया। अब श्रद्धालु व भक्त जबर बाबा के मंदिर में मिर्ची बड़े का प्रसाद ही चढ़ाते हैं। अन्य दिनों की तुलना में गुरुवार को श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा रहती है।


प्रतिदिन बिकते हैं 50 हजार मिर्चीबड़े-

एक अनुमान के अनुसार जोधपुर शहर में प्रतिदिन लगभग 50 हजार मिर्चीबड़ों की बिक्री होती हैं। शहर में 500 से ज्यादा दुकानों पर मिर्चीबड़ा बिकता है। कई लोगों के सुबह का नाश्ता यही है। यहां का मिर्चीबड़ा जोधपुर ही नहीं बल्कि देश और विदेश के कई शहरों तक भेजा जा रहा है।

Published on:
18 Aug 2018 05:11 am