जोधपुर

मोहनपुरा पुलिया बनने में अभी और लगेंगे 6 महीने, जान जोखिम में डाल कर रास्ता पार कर रहे लोग

मोहनपुरा पुलिया का निर्माण कार्य पूरा होने में करीब 6 माह और लग जाएंगे। शहर के दो हिस्सों को जोडऩे वाले पुलिया पर आवागमन बंद होने से आमजन, महिलाओं, बच्चों के साथ विद्यार्थी और व्यापारी वर्ग परेशान है। वैकल्पिक रास्ता नहीं होने से ये लोग पुलिए के पास जोखिम भरी कच्ची राह से गुजर रहे हैं।
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mohanpura puliya over bridge will reconstruct after 6 months
मोहनपुरा पुलिया बनने में अभी और लगेंगे 6 महीने, जान जोखिम में डाल कर रास्ता पार कर रहे लोग

जोधपुर. मोहनपुरा पुलिया का निर्माण कार्य पूरा होने में करीब 6 माह और लग जाएंगे। शहर के दो हिस्सों को जोडऩे वाले पुलिया पर आवागमन बंद होने से आमजन, महिलाओं, बच्चों के साथ विद्यार्थी और व्यापारी वर्ग परेशान है। वैकल्पिक रास्ता नहीं होने से ये लोग पुलिए के पास जोखिम भरी कच्ची राह से गुजर रहे हैं।

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के ओल्ड कैम्पस जाने वाले सैंकड़ों विद्यार्थी सहित अन्य लोग राजीव गांधी की मूर्ति के पास पुलिस कंट्रोल रूम के पीछे कच्चे मार्ग से आते-जाते हैं। पुलिए के आसपास दुकानें लगाने वाले व्यापारी भी यही रास्ता अपनाते है। इस मार्ग पर रात में अंधरा रहने से हादसे की आशंका भी रहती है।

वैकल्पिक रास्ता नहीं
इस पुलिए पर काम चलने और वैकल्पिक रास्ता नहीं होने से आमजन को लंबा मार्ग तय करना पड़ रहा है। लोगों को राइकाबाग पुलिया होकर जेएनवीयू ओल्ड कैम्पस, रातानाड़ा की ओर से जाना पड़ रहा है। वहीं दूसरे रास्ते के रूप में डीआरएम ऑफिस के आगे खतरनाक पुलिए से होकर जाना पड़ रहा है।

16 सितम्बर से बंद है यातायात
रेलवे के निर्माण विभाग की ओर से 16 सितम्बर से मोहनपुरा पुलिया पर यातायात को बंद कर दिया गया। करीब डेढ़ माह से पुलिए को ध्वस्त करने के बाद नए पुलिए के लिए नींव भराई का काम चल रहा है और यह काम नवम्बर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद स्ट्रक्चर खड़ा किया जाएगा।

रेलवे की टूटी दीवार को बनाया रास्ता
मोहनपुरा पुलिया व रेलवे स्टेशन से राइकाबाग मार्ग तक रेलवे की दीवार कई जगह से टूटी हुई है। आमजन ने इसका फायदा उठाते हुए इसको वैकल्पिक मार्ग के रूप में अपना लिया है और इसी रास्ते से आते-जाते है।

एक नजर में मोहनपुरा पुलिया
- 133 साल पुराना है पुलिया।
- 5.15 लाख रुपए आई थी शुरुआती निर्माण लागत।
- 2 विभागों का स्वामित्व रहा। रेलवे व पीडब्ल्यूडी।
- करीब 13 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहा नया पुलिया।

इनका कहना है
नया पुल निर्माणधीन होने से आवागमन है। वैकल्पिक रास्ता नहीं होने के कारण विशेषकर बुजुर्गो, महिलाओं व बच्चों को परेशानी हो रही है व लंबा मार्ग अपनाना पड़ रहा है। पुलिए के आसपास बनी दुकानों का व्यापार प्रभावित हुआ है। अब पुलिया तय समय पर बनना चाहिए ताकि आमजन को राहत मिले।
रघुवीर सैन, वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता

घर से सिटी बस में सोजती गेट तक आते हैं। पुलिए पर काम चलने की वजह से कच्चे रास्ते से जाना पड़ता है। दूसरे रास्ते से जाने पर कॉलेज दूर पड़ता है।
महेन्द्रकुमार, विद्यार्थी, जेएनवीयू

मैं पैदल आता हूं और मोहनपुरा पुलिया से ही कॉलेज जाता हूं। अभी पुलिए पर काम चल रहा है। ऐसे में दूसरे रास्तों से कॉलेज दूर पड़ता है, इसलिए पुलिए के पास से कच्चे रास्ते से ही चला जाता हूं।
राहुल, विद्यार्थी, जेएनवीय

रेलवे की टूटी दीवारों से लोग निकल रहे है यह गलत बात है। जल्द ही रेलवे की टूटी दीवारों की मरम्मत कराइ जाएगी।
गोपाल शर्मा, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, जोधपुर रेल मण्डल

Published on:
25 Nov 2019 04:15 pm