
जोधपुर /मंडोर. लजीज भोजन के शौकीन जोधपुर के बाशिंदों को जल्द ही अनार की तरह नजर आने वाले 'ड्रेगन फ्रूट का स्वाद चखने को मिलेगा। स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद विदेशी फ्रूट का बाहरी हिस्सा तीन तरह के अलग-अलग स्वाद में मिलेगा। कैक्टस प्रजाति का पौधा अनार के आकार से थोड़ा ही बड़ा है।
रेगिस्तान में पनपने वाले इस फ्रूट की खेती इन दिनों मंडोर के आंगणवा क्षेत्र सहित पश्चिमी राजस्थान में कुछ जगहों पर शुरुआत कर दी गई है। मंडोर क्षेत्र में शुरुआती तौर पर आठ हजार पौधे लगाए गए हैं। रेगिस्तान में जगह-जगह उगने वाले थोर की तरह दिखाई देने वाले 'ड्रेगन फ्रूट का पौधा ज्यादातर साउथ ईस्ट एशिया में होता है। इसे ड्रेगन स्केल, ड्रेगन क्रिस्टल, ड्रेगन पर्ल व ग्रीन ड्रेगन भी कहा जाता है। मंडोर क्षेत्र के प्रगतिशील किसान ललित देवड़ा ने बताया कि इस फ्रूट के पौधे के लिए उचित तापमान 20 से 30 डिग्री माना जाता है। यह हर तरह की मिट्टी पर पनप सकता है। जयपुर और चित्तौड़ में भी कई जगहों पर ड्रेगन फ्रूट के पौधे लगाने की शुरुआत की गई है। यदि इसकी उपयुक्त पैदावार होती है तो यह फसल खास तौर पर पश्चिमी राजस्थान के किसानों के लिए वरदान साबित होगी।
स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद
ड्रेगन फ्रूट कई मायनों में स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। हृदय और स्किन केयर में उपयोगी होने के साथ विटामिन सी, रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने, रिच फाइबर्स के साथ कैंसर व डेंगू और डायबिटीज में भी विशेष फायदेमंद माना गया है। विटामिन की कमी दूर करने वाला यह फ्रूट लो ब्लड प्रेशर व शुगर लेवल नियंत्रित करने के अलावा हड्डियां मजबूत करने भी सहायक है।
अभी तक दो तरह के स्वाद वाले फ्रूट उपलब्ध
फ्रूट का बाहरी हिस्सा पूरी तरह लाल होगा, लेकिन अंदरूनी हिस्सा सफेद रहेगा। दूसरा ऊपरी हिस्से की तरह लाल और अंदरूनी हिस्सा भी पूरी तरह लाल होगा। तीसरा पूरी तरह पीला होगा, लेकिन अंदर से सफेद होगा। इसके बीज काले होंगे। देश के कुछ ही जगहों पर अभी तक दो तरह के स्वाद वाले फ्रू ट पहुंचे हैं। यह फ्रूट वियतनाम, थाइलैण्ड, मलेशिया, इजराइल और श्रीलंका से कुछ चुनिंदा विक्रेता मंगवा रहे हैं। लोगों की लगातार बढ़ती मांग के कारण यह फ्रूट अब जोधपुर में भी एक दो जगह पर उपलब्ध होने लगा है। इस अनूठे फल का उद्गम स्थल दक्षिणी अमरीका, एशिया, इजराइल और मेक्सिको को माना जाता है।