
जोधपुर।
निशुल्क सफर...प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और रोडवेज प्रबंधन दोनों के गले की फांस बन गई है। सीमित संसाधन और सीमित अभ्यर्थी...यही कारण है कि सरकार की घोषणा के बाद भी अभ्यर्थियों को निशुल्क सफर का रोडवेज बसों में पूरा फायदा नहीं मिल रहा है। वहीं, क्षमता से अधिक सवारियां बैठने के कारण दुर्घटना का भी खतरा है। ऐसे में न तो अभ्यर्थियों को चिंता है और न ही रोडवेज को परवाह।राजस्थान पुलिस में एसआई परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों की मंगलवार को भी रोडवेज बस स्टेण्ड पर भारी भीड़ थी। डिपो मैनेजर (यातयात) उम्मेदसिंह ने बताया कि मंगलवार को भी लोकल रुटों की कुछ बसों का संचालन बंद कर अभ्यर्थियों के लिए लगाई गई। मंगलवार को भी 65 बसों का संचालन किया गया, जबकि सोमवार को 50 बसों का संचालन किया गया था।
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निजी बसों के किराए में एकाएक दो से तीन गुना तक वृद्धि
निजी बसों में 12 से लेकर 16 सितंबर तक किराए में एकाएक 2 से 3 गुना तक वृद्धि देखी जा रही है। निजी बस संचालक भी परीक्षा की मजबूरी को देखते हुए मनमाने दाम वसूलने लगे हैं। अक्सर त्यौहार के दौरान भी कुछ ऐसे ही हालात बनते हैं।