
जोधपुर. बरसात के बाद जोधपुर शहर में डेंगू के तीन मरीज सामने आए हैं। जिनका उपचार स्थानीय अस्पतालों में किया गया। डेंगू रोगी सामने आने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू मरीज के क्षेत्रों में आस-पास के 50 घरों का सर्वे कराया। टीम की ओर से संबंधित क्षेत्रों में बुखार से पीडि़त मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जहां पर पानी व गंदगी के हालात हैं, वहां मच्छररोधी स्प्रे किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार अगस्त माह में जोधपुर शहर में डेंगू के तीन मरीज सिलावटों का बास सोजती गेट, गणेश मार्ग माणक चौक तथा पांचवी रोड पर सामने आए। सुभाषपुरा मंडोर क्षेत्र में एक मरीज चिकनुनिया पीडि़त पाया गया है। जिनका एमडीएम व एमजीएच में इलाज किया गया। मरीजों की स्थिति सामान्य है। चिकित्सा विभाग के अनुसार जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज सामने आए, वहां पानी एकत्र होने व गंदगी की समस्या सामने आई। नगर निगम को पत्र लिखने के बावजूद नालों में पानी के अवरुद्ध निकासी मार्ग सुचारू नहीं करवाए गए। गंदा पानी एकत्र होने से मच्छरों के लार्वा पैदा हुए और डेंगू व चिकनगुनिया के मरीज सामने आने लगे हैं। गौरतलब है कि इस साल के अगस्त माह तक जोधपुर जिले में कुल 27 मरीज डेंगू व 31 रोगी चिकनगुनिया से पीडि़त सामने आ चुके हैं।
स्कूली बच्चों का ले रहे सहयोग
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमा जिले में मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए स्टाफ के अलावा स्कूलों में जाकर भी प्रचार-प्रसार कर रहा है। स्कूली बच्चों को मच्छरों का लार्वा खत्म करने एवं मच्छरों से बचाव के तरीके सिखा रहा है।
अलर्ट रहें, सफाई जरूरी
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के बाद जहां भी पानी एकत्र है, उसकी निकासी जरूरी है। उसमें जला हुआ ऑयल आदि डालकर मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया जा सकता है। कूलरों में भरे पानी की निकासी कर उसकी जालियों को धूप में रखना चाहिए। घरों में रखे कबाड़, पुराने टायर इत्यादि को भी धूप में रखना चाहिए। नगर निगम एवं स्थानीय निकायों को शहर के बरसाती नालों में एकत्र पानी की निकासी अविलम्ब करनी चाहिए। साफ-सफाई के माकूल इंतजाम होने पर मच्छरजनित बीमारियों पर अंकुश लगेगा।
मरीजों की संख्या : एक नजर
वर्ष -- डेंगू -- चिकनगुनिया
2016 -- 1616 -- 466
2017 -- 202 -- 585
2018 -- 27 -- 31