
नंदकिशोर सारस्वत
जोधपुर. कोरोनाकाल में मां के ममत्व और दूध वंचित हुए नवजात शिशुओं को मां का अमृत तुल्य दूध मिलेगा। इसके लिए अनाथ बच्चों का लालन पोषण करने वाले सेवाभावी संगठन नवजीवन संस्थान ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने परिसर में मदर मिल्क बैंक शुरू किया है। मदर मिल्क विभिन्न क्षेत्रों में बीमार मां के नवजात, संस्थान के शिशुओं सहित विभिन्न अस्पतालों में मां के दूध वंचित सभी शिशुओं को नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा।
मिल्क बैंक में दुग्धदान के लिए संस्थान तक नहीं आ सकने वाली माताओं के लिए दुग्ध उनके घर अथवा अस्पताल से लाने की व्यवस्था की गई है। मार्च से चल रही मिल्क बैंक में अब तक 86 माताओं ने 'दुग्ध-महादानÓ कर अनाथ व जरूरतमंद शिशुओं को राहत पहुंचाई है।
धात्री माताओं के अलावा जिनके नवजात को किसी गंभीर बीमारी के कारण से डॉक्टरों ने दूध पिलाने का मना कर रखा हो या शिशु की मृत्यु जन्म के बाद हो गई हो, वे माताएं भी दूध दान कर सकती हैं।
छह माह तक रखा जा सकता है सुरक्षित
लवकुश मिल्क बैंक में आधुनिक तरीके से दुग्ध एकत्रित करने की व्यवस्था है। धात्री मां को परामर्श देकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद दूध आधुनिक मशीन से बोतल में एकत्रित किया जाता है। दूध की अलग-अलग विभिन्न माइक्रोबाइलॉनिकल जांच प्रक्रिया से दूध को गुजारने के बाद सही होने पर डीप फ्रीज में माइनस 20 डिग्री तापमान पर स्टोर कर छह माह तक सुरक्षित रखा जा सकता है। उसके बाद आवश्यकतानुसार शिशु को डॉक्टर की सलाह अनुसार पिलाया जाता है।
ईश्वरीय अनुपम भेंट
मां का दूध शिशु के लिए ईश्वर की ओर से प्रदान की गई अनुपम भेंट है । माताएं अपना अतिरिक्त दूध निराश्रित अनाथ व जरूरतमंद शिशुओं के लिए लवकुश मदर मिल्क बैंक में दान करें तो बड़ी सेवा होगी।
-राजेन्द्र परिहार, प्रभारी, नवजीवन संस्थान जोधपुर