
जोधपुर. पुलिस से मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर लवली कण्डारा की मृत्यु को लेकर शनिवार रात तक गतिरोध बना रहा। रातानाडा थाना प्रभारी लीलाराम व तीन सिपाहियों के निलम्बन की मांग पर अडऩे से चौथे दिन भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। उधर, रालोपा सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल अपराह्न में मथुरादास माथुर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर पहुंचे और पुलिस की कार्य प्रणाली व एनकाउंटर पर सवाल उठाए।
सांसद बेनीवाल ने लवली कण्डारा के एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए सीबीआइ से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है। पूरे राज्य में जंगल राज है। भीलवाड़ा में दो कांस्टेबल की हत्या करने वाले खुले घूम रहे हैं। जबकि जोधपुर में निर्दोष की मुठभेड़ के नाम पर जान ली जा रही है। लवली कण्डारा का पुलिस एनकाउंटर फर्जी था। जिसकी सीबीआइ से जांच कराई जानी चाहिए। बाड़मेर में कमलेश प्रजापत के एनकाउंटर की तरह लवली कण्डारा के एनकाउंटर में भी राजनीतिक षड्यंत्र नजर आ रहा है। लवली के एनकाउंटर की जांच राज्य की कोई भी एजेंसी निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती है। इसलिए सीबीआइ से जांच कराई जाए। इसमें शामिल पुलिसकर्मियों को निलम्बित किया जाए। राज्य में गंभीर अपराध वाले हार्डकोर व अन्य बदमाश खुले घूम रहे हैं। दूसरी तरफ, वाह-वाही के लिए कमलेश प्रजापत व लवली कण्डारा जैसों का एनकाउंटर कर रही है। भीलवाड़ा में दो सिपाहियों की हत्या करने वालों का एनकाउंटर करने पर सकारात्मक संदेश जाता।
भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग, बावड़ी प्रधान प्रतिनिधि व प्रदेश उपाध्यक्ष राजूराम खोजा, सफाई आयोग के पूर्व अध्यक्ष चन्प्रकाश उर्फ टायसन ने भी धरनास्थल को संबोधित किया। संबोधन के बाद प्रतिनिधि मण्डल की डीसीपी से वार्ता में कोई हल नहीं निकला। तब सांसद बेनीवाल सर्किट हाउस लौट गए।