
पी.आर. गोदारा/भोपालगढ़/जोधपुर। भोपालगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के बागोरिया गांव स्थित माताजी मंदिर में तेरह पीढिय़ों से एक सिंधी मुस्लिम परिवार देवी कालका और देवी ब्राह्मणी के मंदिर का पुजारी है।
हर साल की तरह इस बार भी इस पुजारी मुस्लिम परिवार के 6 सदस्य नवरात्रि का उपवास रख रहे हैं। रमजान के महीने में रोजे भी आम मुस्लिम की तरह रखते हैं। पुजारी जमाल खां नवरात्रा के समय लगातार नौ दिनों तक निराहार रहकर उपवास करते हैं।
देश में शायद यह इकलौता मंदिर है जहां देवी कालका व ब्राह्मणी की एक जगह एक साथ पूजा होती है। वर्तमान में इस मुस्लिम परिवार से 80 वर्षीय बुजुर्ग जमालुदीन खां (भोपाजी जमाल खांजी) देवी मां की सेवा कर रहे हैं।
यही नहीं, यह परिवार एक तरफ तो अपने मुस्लिम धर्म की भी पालना करता है और पांचों वक्त की नमाज अता करता है तो दूसरी ओर हिन्दू धर्म-संस्कृति की पालना करते हुए माताजी के मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा दे रहा है। ऐसी अनूठी मिसाल के चलते इस मुस्लिम परिवार के पुजारी को हिन्दू धर्म के लोग 'भोपाजी' के परिवार के रूप में जानते हैं।
बागोरिया माताजी के मंदिर में हम पुरखों के समय से पूजा करते आ रहे हैं और इस परम्परा को आज भी निभा रहे हैं। पिताजी की मौत के बाद करीब 50 साल से पुजारी के रूप में मंदिर में सेवा करता आ रहा हूं।
जमाल खां, वर्तमान पुजारी, बागोरिया मंदिर