जोधपुर

बगैर दूध के दस भट्टी-कढा़ई पर रोज बनता था जोधपुर में नकली मावा, केरू डम्पिंग यार्ड में किया नष्ट

पाल रोड पर आदेश्वर नगर स्थित दो मंजिला मकान में गैस की दस भट्टियां व कढ़ाई में दूध के बगैर रोज छह सौ से सात सौ किलो नकली मावा (मिल्क केक) बनाया जाता था। इसके लिए दूध बनाने का पाउडर व सेफोलाइट नामक कैमिकल काम लिया जाता था। फिर इनमें अलग-अलग तरह के एसेंस मिलाए जाते थे।
less than 1 minute read
nakli mawa destroyed at keru dumping yard in jodhpur
बगैर दूध के दस भट्टी-कढा़ई पर रोज बनता था जोधपुर में नकली मावा, केरू डम्पिंग यार्ड में किया नष्ट

जोधपुर. पाल रोड पर आदेश्वर नगर स्थित दो मंजिला मकान में गैस की दस भट्टियां व कढ़ाई में दूध के बगैर रोज छह सौ से सात सौ किलो नकली मावा (मिल्क केक) बनाया जाता था। इसके लिए दूध बनाने का पाउडर व सेफोलाइट नामक कैमिकल काम लिया जाता था। फिर इनमें अलग-अलग तरह के एसेंस मिलाए जाते थे। पुलिस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने फैक्ट्री से जब्त 2798 किलो नकली मावे को मंगलवार को केरू स्थित डंपिंग यार्ड में नष्ट किया। इसकी लागत चार लाख रुपए बताई जाती है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार आदेश्वर नगर में श्रीकृष्णा फैक्ट्री में दबिश देकर नकली मावा बनाने का प्लांट पकड़ा गया था, जहां दूध बनाने वाले पाउडर से दूध बनाकर नकली मावा तैयार किया जाता था। उनमें कैमिकल मिलाकर अलग-अलग रंग व खुशबू दी जाती थी। साथ ही इलायची का स्वाद लाने के लिए भी कैमिकल मिलाया जाता था। संचालक राहुल सिंह वर्ष 2017 से यह प्लांट चला रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल मौके से नकली मावे के सैम्पल लिए हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बलवंत मण्डा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी रजनीश शर्मा के नेतृत्व में जब्त 2798 किलो मावे को केरू स्थित डंपिंग यार्ड में जेसीबी की मदद से कचरे में मिलाकर नष्ट कर दिया गया। इसके लिए जेसीबी की मदद ली गई।

Published on:
15 Jan 2020 03:36 pm