जोधपुर

नाम आदर्श पीएचसी, लेकिन पद भरना भूली सरकार

    जिले की 48 आदर्श पीएचसी में 100 से अधिक डॉक्टर्स, नर्स व अन्य कर्मियों के पद खाली पड़े
less than 1 minute read
Feb 13, 2021
Feature image

जोधपुर. जोधपुर जिले में कुल 48 आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, लेकिन इन आदर्श बने पीएचसी में मैन पॉवर की कमी है। यहां कहीं चिकित्सकों के पद खाली पड़े है तो कहीं डॉक्टर्स, नर्स, फार्मासिस्ट व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद खाली पड़े है। इन हालातों में सरकार की ओर से बनाई गई पीएचसी मरीजों को अपना शत प्रतिशत तक नहीं दे पा रही है। नाम अनुरूप भी इनका कार्य नहीं है।

महत्वकांक्षी योजना थी, लेकिन अब सब कांच में
साल 2016 में राज्य सरकार ने आदर्श पीएचसी योजना को लेकर कई बड़े सर्कुलर निकाले थे। इन संस्थानों को आदर्श बनाने के लिए उपकरणों, औषधियों, प्रयोगशाला जांचों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तक की बात हुई। यहां आयुष चिकित्सकों द्वारा ग्रामीणों को योग सिखाने तक की बातें हुई, लेकिन समय के साथ सभी इरादे कांच में है।

जानिए कुछ जगहों के हाल

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिसलपुर में फार्मासिस्ट, एएनएम, स्वीपर का पद रिक्त है। पीएचसी केतुकला, सोमेसर, कापरड़ा, में मेडिकल ऑफिसर यानी डॉक्टर का पद रिक्त है। पीएचसी खवासपुरा, सालवा खुर्द, में लैब टेक्निशियन का पद रिक्त चल रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुड़ी में एलएचवी का पद रिक्त है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बापिनी में एएनएम नहीं है। भीकमकौर, चिराई, जाखण, मतोड़ा, पल्ली, सामराऊ, तिंवरी, बारांकला, डांवरा, धनारी कल्ला, हतुंडी, जालोड़ा व कानासर सहित विभिन्न आदर्श पीएचसी में सौ से अधिक पद रिक्त चल रहे है।

इनका कहना...
धीरे-धीरे सारे पद भरे जा रहे है। कई जगहों पर योगा सेशन शुरू हो गए है। हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर में तब्दील करने की कार्रवाई चल रही है। सरकार द्वारा एएनएम-नर्सिंग के पद भरने के कार्य भी हो रहे है।

- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ

Updated on:
13 Feb 2021 06:57 pm
Published on:
13 Feb 2021 06:57 pm