जोधपुर

PHYSICAL EDUCATION–नाम महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण, पुरुष ले रहे ट्रेनिंग

- बजट पूरा करने के लिए शिविरों में खानापूर्ति - जिले के कई ब्लॉक में शारीरिक शिक्षिकाओं के स्थान पर पुरुष ले रहे ट्रेनिंग - सरकार ने प्रशिक्षण के लिए आवंटित किया 7 करोड़ रुपए का बजट
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Dec 17, 2020
PHYSICAL EDUCATION--नाम महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण, पुरुष ले रहे ट्रेनिंग
PHYSICAL EDUCATION--नाम महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण, पुरुष ले रहे ट्रेनिंग

जोधपुर।

राज्य सरकार महिलाओं व बालिकाओं को विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की रक्षा के लिए प्रशिक्षण देकर तैयार करने के उद्देश्य से करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वह फलीभूत होता नजर नहीं आ रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सरकार के प्रशिक्षण के उद्देश्य को केवल बजट खपाने का जरिया बना दिया है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद का स्पष्ट आदेश ब्लॉक स्तर पर शारीरिक शिक्षिकाओं/शिक्षिकाओं को आत्मरक्षा/मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देना है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीइओ) ऑफि स तक पहुंचते-पहुंचते परिषद का आदेश बदल जाता है और महिलाओं के साथ पुरुषों के लिए प्रशिक्षण के आदेश कर दिए जाते है। इस आदेश पर जिले में कई ब्लॉकों में तो शारीरिक शिक्षिकाओं/शिक्षिकाओं के साथ पुरुष भी प्रशिक्षण में भाग ले रहे है। सरकार की ओर से प्रदेश में इन शिविरों के लिए करीब 7.92 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे है।

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यहां उड़ रही आदेश की धज्जियां

- जोधपुर के शेखाला, लोहावट, देचू, बापिणी मुख्यालय ब्लॉक शिक्षाधिकारियों ने महिला शारीरिक शिक्षिकाओं/ शिक्षिका के स्थान पर कार्मिक शब्द जोड़कर पुरुषों के भी आदेश कर दिए है।

- जैसलमेर जिले के पोकरण ब्लॉक शिक्षाधिकारी ने भी महिलाओं के साथ पुरुषों के आदेश कर दिए।

- बाड़मेर सिणधरी मुख्य ब्लॉक अधिकारी ने भी महिलाओं के साथ पुरुषों के आदेश कर करोड़ों के बजट अपव्यय करने का कार्य किया है।

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ऑनलाइन के आदेश हो गए, फिर भी ऑफलाइन हो रहे

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने कोविड को देखते हुए संशोधित आदेश जारी कर प्रदेश में जिला कलक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से चर्चा कर ऑनलाइन प्रशिक्षण की छूट दे दी, लेकिन कुछ जिलों में बजट को खर्च करने के लिए ऑफलाइन प्रशिक्षण चल रहे है। जबकि जयपुर, अजमेर, दौसा, चित्तौडगढ़़ आदि में ऑनलाइन के आदेश हो गए है, वहीं नागौर-बूंदी, जैसलमेर में ट्रेनिंग स्थगित कर दी गई है।

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ऑनलाइन प्रशिक्षण के सजेस्टिव आदेश है। जिन विद्यालयों में महिला शारीरिक शिक्षिका या शिक्षिका नहीं है, वहां पर पुरुष प्रशिक्षण ले रहे है।

प्रेमचंद सांखला, संयुक्त निदेशक

स्कूल शिक्षा

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राज्य सरकार जिस उद्देश्य को लेकर प्रशिक्षण दे रही है, वह पूरा होना चाहिए। परिषद के ऑनलाइन प्रशिक्षण कराने के संशोधित आदेश पर भी विचार करना चाहिए।

हापूराम चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष

राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ

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Published on:
17 Dec 2020 10:19 am