जोधपुर

जोधपुर से गहरा नाता रखने वाले नरेश सालेचा बने रेलवे बोर्ड वित्त सदस्य

- रेलवे सहित कई मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर रहे - सालेचा का बचपन जोधपुर में बीता
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Oct 04, 2020
जोधपुर से गहरा नाता रखने वाले नरेश सालेचा बने रेलवे बोर्ड वित्त सदस्य
जोधपुर से गहरा नाता रखने वाले नरेश सालेचा बने रेलवे बोर्ड वित्त सदस्य

जोधपुर. रेलवे के नए पुनर्गठित बोर्ड में सदस्य वित्त का नम्बर अध्यक्ष के बाद माना जाता है। जिसकी जिम्मेदारी जोधपुर के नरेश सालेचा को मिली है। भारतीय रेल सेवा के वरिष्ठ अधिकारी नरेश सालेचा ने १ अक्टूबर को रेलवे बोर्ड के सदस्य (वित्त) पदभार ग्रहण कर लिया है। सालेचा का जोधपुर से गहरा नाता रहा है। रेलवे में विभिन्न पदों पर रहे सालेचा का बचपन जोधपुर में बीता है। सालेचा की दसवीं तक पढ़ाई जोधपुर के बाल निकेतन व महेश स्कूल में हुई। बाद में वे जयपुर चले गए। वर्ष १९८२ में राजस्थान प्रशासनिक सेवा व वर्ष १९८४-८५ में भारतीय रेल सेवा में चयनित होने के बाद विभिन्न पदों पर रहे। सालेचा २०१४ से २०१६ तक अजमेर के डीआरएम रहे है। बोर्ड का सदस्य बनने पर सालेचा को मण्डल रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति पूर्व रेलवे कोलकाता नगेन्द्र संचेती, उद्यमी अनिल टाटिया सहित शहर के कई गणमान्य लोगों ने बधाई दी व खुशी जताई।

पत्नी सीए, विवाह भी जोधपुर में हुआ
सालेचा का ससुराल भी जोधपुर में ही है। इनकी पत्नी निर्मला है, जो सीए है। शास्त्री नगर में इनका मकान है, जहां ये हर साल आते रहते है। इनके पिता पुखराज सालेचा तत्कालीन यूआइटी सचिव सहित विभिन्न पदों पर रहे। वे जिला कलक्टर दौसा से सेवानिवृत्त हुए।

कई मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके है
सालेचा इससे पहले रेलवे बोर्ड में ही वित्त विभाग में अतिरिक्त सदस्य रह चुके है। जहाजरानी, शहरी विकास नॉर्थ ईस्ट जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में भी काम किया है। सालेचा एनबीसीसी, आईआरसीटीसी, दिल्ली मेट्रो, कोलकाता मेट्रो, रेल टेल, एचपीसी जैसे अद्र्ध सरकारी संस्थाओं में निदेशक के तौर पर कार्य कर चुके हैं। दिल्ली से मुम्बई के बीच महत्वाकांक्षी फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण में भी सालेचा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सालेचा ने डब्ल्यूटीओ में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है।

Updated on:
04 Oct 2020 01:53 pm
Published on:
04 Oct 2020 01:53 pm