
जोधपुर. भोगिशैल पर्वतमाला के मध्य मंडोर क्षेत्र के बेरीगंगा धाम में स्थित बेरेश्वर शिव मंदिर में भगवान शिव प्रकट स्वरूप में विराजे हैं। मंदिर परिसर में गंगा माता के साक्षात अवतरण के दर्शन होते हैं जो अनन्त समय से अनवरत प्रवाहित है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस स्थान की खोज पांडवों ने वनवास के समय की थी। बेरीगंगा महात्म्य के द्वादशोध्याय में इसे पापों का शमन करने वाला तारणहार स्थल कहा गया है।
मारवाड़ में गंगा के समतुल्य पुण्य देने की मान्यता वाले स्थान के दर्शन एवं स्नान का अति महत्व माना गया है। हर तीसरे साल पुरुषोत्तम मास में भोगिशैल परिक्रमा के दौरान हजारों श्रद्धालु शिव का अभिषेक करते हैं। श्रावण मास में हरियाली अमावस्या को पूरे दिन यहां मेला लगता है। मंदिर में सबसे प्रमुख मेला ज्येष्ठ मास में होता है जब गंगा मैया के प्राकट्य दिवस गंगादशमी पर गोमुख से प्रवाहित जल से शिव का अभिषेक किया जाता है। कार्तिक पूर्णिमा को यहां मेले सा माहौल रहता है।