जोधपुर

जोधपुर के इस शिव मंदिर में चर्म रोगों से मिलती है मुक्ति, गुप्त रूप से निरंतर बह रही है प्राकृतिक जलधारा

मंडोर की पहाडिय़ों में स्थित निम्बा-निम्बड़ी विशेष धार्मिक महत्व रखता है। लोगों की श्रद्धा इस स्थल से प्राचीन समय से जुड़ी है। यहां से बहने वाली प्राकृतिक जलधारा के प्रति श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है।
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shiv temples in jodhpur
जोधपुर के इस शिव मंदिर में चर्म रोगों से मिलती है मुक्ति, गुप्त रूप से निरंतर बह रही है प्राकृतिक जलधारा

जोधपुर. मंडोर की पहाडिय़ों में स्थित निम्बा-निम्बड़ी विशेष धार्मिक महत्व रखता है। लोगों की श्रद्धा इस स्थल से प्राचीन समय से जुड़ी है। यहां से बहने वाली प्राकृतिक जलधारा के प्रति श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। मान्यता है कि यहां के प्राकृतिक जलधारा से भगवान शिव का अभिषेक करने पर चर्म रोग से राहत मिलती है । प्राकृतिक जलधाराओं से कई प्राचीन मान्यताएं भी जुड़ीं हैं।

सूर्य नगरी में हर तीसरे साल पुरुषोत्तम मास में आयोजित भोगीशैल परिक्रमा शहर के प्राचीन मंदिरों अरणेश्वर, भद्रेशिया, बैजनाथ महादेव, मंडलनाथ होते हुए निंबा तीर्थ होकर गुजरती है। स्कंद पुराण के 16वें अध्याय में निम्बा तीर्थ को सभी तरह के पापों को हरण करने वाला वर्णित किया गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्राचीन काल में निंबा नाम का एक भक्त यहां पर कुष्ठ रोग से पीडि़त होकर अत्यंत व्याकुल स्थिति में पहुंचा था।

तीर्थ परिसर में भगवान शिव और सूर्य की आराधना से उसे कुष्ठ रोग से मुक्ति मिली थी। चर्म रोगों में लाभ मिलने की मान्यता के चलते यहां कुष्ठ आश्रम की स्थापना की गई थी। पहाड़ी क्षेत्र में हनुमान लंगूरों का प्राकृतवास भी है। संत अरुणदास ने बताया कि श्रावण मास की हरियाली अमावस्या को भी मेला भरता है।

Published on:
02 Aug 2019 01:58 pm