जोधपुर

लाखों का भवन तो बनवा दिया लेकिन चार साल से सहायक कृषि अधिकारी पद रिक्त

कृषि बाहुल्य क्षेत्र को देखते हुए नौसर ग्राम पंचायत में दूसरा सहायक कृषि अधिकारी दफ्तर सृजित कर भवन तो बनवा दिया लेकिन चार साल बाद भी अभी तक सहायक कृषि अधिकारी मय 3 कृषि पर्यवेक्षक के पद खाली हैं।
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Nov 22, 2019
Nausar : Assistant Agriculture Officer post vacant for four years
लाखों का भवन तो बनवा दिया लेकिन चार साल से सहायक कृषि अधिकारी पद रिक्त

नौसर (जोधपुर). लोहावट पंचायत समिति मुख्यालय के बाद कृषि बाहुल्य क्षेत्र को देखते हुए नौसर ग्राम पंचायत में दूसरा सहायक कृषि अधिकारी दफ्तर सृजित कर भवन तो बनवा दिया लेकिन चार साल बाद भी अभी तक सहायक कृषि अधिकारी मय 3 कृषि पर्यवेक्षक के पद खाली हैं।

नौसर के सहायक कृषि कार्यालय के अधिनस्थ पल्ली, भीकमकोर व नौसर में तीन कृषि पर्यवेक्षकों के पद सृजित है। लेकिन किसानों को सरकार की उदासीनता के चलते किसी प्रकार की विभागीय जानकारी के अभाव में परेशानी उठानी पड़ रही है।


सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय क्षेत्र में तीनों कृषि पर्यवेक्षकों के पास नौसर, बैंदों का बेरा, पल्ली, पल्ली द्वितीय, जेरिया, भीकमकोर, ईंदों की ढाणी व भिंयाडिय़ा इन आठ ग्राम पंचायतों के किसानों की जिम्मेदारी दी गई है। किसानों के लिए ये सब केवल कागजों तक ही सिमटी पड़ी है।

विभागीय व्यवस्था में लोहावट पंचायत समिति स्तर पर एक मात्र कार्यवाहक सहायक कृषि अधिकारी लगाया गया है जो सप्ताह में दो दिन के लिए नौसर क्षेत्र में बमुश्किल पहुंच पाते है।

इन दर्जनों काम के लिए भटकने को मजबूर किसान फसल प्रदर्शन, बीज अनुदान, फसल कटाई प्रयोग, किसानों का प्रशिक्षण, अनुदान के लिए कृषि यंत्रों की फाइल तैयार करवाना, कृषि हॉज, खेत तलाई स्कीम, पाइप फव्वारा अनुदान, स्प्रे पौध संरक्षण अनुदान, सॉयल हैल्थ कार्ड सैंपल, मौसमी जानकारियां देना, कृषि में नवाचार सहित दर्जनों कार्यों के लिए किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।


इनका कहना
इस बात से इनकार नही किया जा सकता कि पद खाली होने की वजह से किसानों को परेशानी हो रही है। हमने सरकार को लिखकर भेज दिया है। अब नई भर्ती होने पर पद भरे जाने की उम्मीद है।
- डॉ. जीवनराम भाकर, सहायक कृषि निदेशक(विस्तार), जोधपुर।

मेरा मुख्यालय सोलंकिया तला शेरगढ में है। मुझे लोहावट पंचायत समिति का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। कार्यक्षेत्र अधिक होने के कारण किसानों तक पहुंच पाना मुश्किल रहता है।
- गायडऱाम मेघवाल, कार्यवाहक सहायक कृषि अधिकारी, लोहावट।

Published on:
22 Nov 2019 12:20 am