
पत्रिका पड़ताल
जोधपुर. जोधपुर में कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रख प्रशासन ने 76 लाख रुपए का सरकारी नुकसान बचाया है। ये सिस्टम सर्वप्रथम जोधपुर में ही विदेशों की तरह पूरे राजस्थान में सर्वप्रथम लागू किया गया था। प्रशासन के इस स्टैप के चलते कई रोगियों को अस्पताल भर्ती नहीं होना पड़ा है। जबकि प्रशासन पूर्व में संक्रमितों को कम से कम 10 से 14 दिन तक अस्पताल में रखता था। उनको बैड से लेकर नाश्ता व दोनों समय का भोजन मुहैया करवाता था।
अब तक 305 मरीज हो चुके हैं डिस्चार्ज
होम आइसोलेशन से अब तक 305 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हंै। पूर्व में प्रति कोरोना संक्रमित पर करीब 2500 रुपए खर्च हो रहे थे। जो सीधे बचे है। इन दिनों होम आइसोलेशन में रहने वाले संक्रमितों को 10 दिन बाद छुट्टी दे दी जाती है। ऐसे में प्रशासन पर इनको रूकवाने और खाने का खर्च भी नहीं लग रहा है।
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संक्रमितों के परिजनों की नाराजगी के बाद लिया था निर्णय
शहर के एक क्वॉरंटाइन सेंटर में संक्रमित मरीज के परिजन की ओर से प्रशासन की व्यवस्थाओं और खाने-पीने के प्रबंध को लेकर वीडियो वायरल हुआ था। जबकि इससे पहले भी कई वीडियो वायरल हुए थे। जिसमें लोगों ने प्रशासन पर ढंग से ठहराने व खाने-पीने की सुविधा नहीं देने के आरोप लगाए थे। उसके बाद प्रशासन ने जोधपुर में होम क्वॉरंटाइन में संक्रमितों को रखने का निर्णय लिया था। हालांकि प्रशासन होम क्वॉरंटाइन केवल सामान्य मरीजों को कर रहा है, जिनकी हालत गंभीर है, उन्हें अभी भी अस्पताल भर्ती कराया जा रहा है।
इनका कहना
इस स्टैप के बाद लोगों ने कोरोना को लेकर अपनी जिम्मेदारी ली है। कई लोग घरों में रहकर स्वस्थ हुए है।
- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ