
जोधपुर. संभाग के सबसे बड़े मथुरादास माथुर अस्पताल में न्यूरो इंटरवेंशनल लैब जल्द ही स्थापित की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने १० करोड़ रुपए की स्वीकृत जारी कर दी है। लैब अस्पताल के ट्रोमा सेंटर के पास स्थापित होगी।
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एसएस राठौड़ ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि लैब की स्थापना हो जाने से लकवा पीडि़त मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। लकवा मरीज यदि समय पर अस्पताल पहुंच जाएंगे तो उन्हें ताउम्र बिस्तर पड़े रहने की नौबत नहीं आएगी। लैब का प्रोजेक्ट न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. शरद थानवी ने बनाकर सौंपा था। इसे राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। साथ ही वित्तीय स्वीकृति भी जारी कर दी गई है।
डॉ. राठौड़ ने कोरोना की तीसरी लहर की संभावित तैयारियों के बारे में कहा कि कुल १५० बैड आइसीयू के तैयार हो रहे हैं। इनमें से ३०-३० बैड एमडीएम व एमजीएच में तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा एनआइसीयू के ६० बैड एमडीएम और ३० बैड उम्मेद अस्पताल में तैयार होंगे। इनको तैयार होने में एक-डेढ़ माह का समय लगेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि डेल्टा प्लस वेरिएंट की पहचान करने की सुविधा भी जोधपुर में जल्द उपलब्ध करवाई जाएगी।
फिजियोथैरेपी कॉलेज जाएगा झालामंड
डॉ. राठौड़ के अनुसर गत ११ सालों से डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में चल रहा प्रदेश का पहला राजकीय फिजियोथैरेपी कॉलेज जल्द झालामंड शिफ्ट होगा। इसी प्रकार पैरामेडिकल कॉलेज भी केएन चेस्ट हॉस्पिटल की नई बिल्डिंग में शुरू होगी। इसके अलावा एमडीएम अस्पताल के आउटडोर व ट्रोमा अस्पताल शीघ्र शुरू होंगे।
मिलेंगे १४० रेजिडेंट डॉक्टर्स
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में हाल ही में न्यूरो सर्जरी विभाग में दो यूनिट बनी है। नई पोस्टें स्वीकृत हो गई है। दो सहायक आचार्यों का इंटरव्यू कर अनुमोदन सरकार को भेज दिया गया है। इसी प्रकार अन्य विभागों को मिलाकर कुल १४० रेजिडेंट की सीटें बढ़ेंगी। इससे चिकित्सा सेवाओं में और अधिक सुधार होगा।