
जोधपुर।
सरकार ने सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्यम (एमएसएमइ) की नई परिभाषा तय करने के साथ उद्योगों के पंजीयन की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत ‘उद्यम’ रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर एमएसएमइ के अंतर्गत आने वाले उद्योगों का ऑनलाइन पंजीयन होगा। सरकार ने एक जुलाई से एमएसएमइ की नई परिभाषा मशीनरी में निवेश और टर्नओवर के आधार पर तय की है। उद्यमी द्वारा उद्यम रजिस्ट्रेशन मिलने पर पिछले साल का जीएसटी रिटर्न और आइटीआर की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर डालने से उद्योग की श्रेणी का वर्गीकरण स्वत: हो जाएगा। मतलब, वह उद्योग माइक्रो श्रेणी का है या स्मॉल या मीडियम।
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दस्तावेज अपलोड करने की जरुरत नहीं
- ऑनलाइन रजिस्टे्रशन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार का कोई भी दस्तावेज अपलोड करने की जरुरत नहीं
- केवल उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर दिए गए फ ॉर्म को भरना होगा।
- रजिस्ट्रेशन के लिए कोई शुल्क नहीं है।
- रजिस्ट्रेशन के लए आधार नंबर का होना जरूरी होगा।
- रजिस्ट्रेशन के बाद उद्यमी को स्थाइ रूप से एक उद्यम रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होते ही उद्यम रजिस्ट्रेशन का ई-सर्टिफि केट जारी हो जाएगा।
- रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से स्वघोषित व स्व प्रमाणित होगी।
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उद्योगों की श्रेणी का वर्गीकरण
मशीनरी पर निवेश----- टर्नओवर------- श्रेणी
- 1 करोड़ रु से कम-- 5 करोड़ रु से कम-- माइक्रो
- 10 करोड़ रु तक--- 50 करोड़ रु तक--- स्मॉल
- 50 करोड़ रु तक--- 250 करोड़ रु तक-- मीडियम
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जोधपुर में एमएसएमई इकाइयां, उद्यमियों को नया रजिस्ट्रेशन कराना होगा
जोधपुर में अधिकांश या सभी क्षेत्रों की लगभग सभी इकाइयां एमएसएमई श्रेणी में आती है। ऐसे में जिन उद्यमियों ने उद्योग आधार मेमोरेंडम (यूएएम) पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें फि र से नए ‘उद्यम’ पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
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सरकार ने लघु व छोटे उद्यमियों को उद्योगों के पंजीयन में त्वरित सुविधा देने के लिए यह उद्यम रजिस्ट्रेशन चालू किया है।
एसएल पालीवाल, उप निदेशक
जिला उद्योग केन्द्र जोधपुर
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जोधपुर के अधिकांश उद्यमियों ने यूएएम पोर्टल पर रजिस्टे्रशन करवा रखा है। अब फि र रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था में बदलाव से उद्यमियों को नया रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
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