
विकास चौधरी/जोधपुर. बासनी थानान्तर्गत सांगरिया फांटा के पास भोमियाजी कॉलोनी में धारदार हथियार से हमले में एक युवक की हत्या के मामले में मृतक के माता-पिता ने महिला मित्र की भूमिका पर सवालिया निशान उठाए हैं। दम्पती ने आठ लाख रुपए के लेन-देन को लेकर चल रहे विवाद में महिला के इशारे पर हत्या की आशंका जताई है। जबकि पुलिस का कहना है कि फरार हिस्ट्रीशीटर के इशारे पर युवक की हत्या की गई थी। उसके पकड़ में आने के बाद ही महिला की भूमिका स्पष्ट हो पाएगी। उधर, प्रकरण में गिरफ्तार नौवें आरोपी को अदालत ने मंगलवार को रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए।
पाली में सोजत सिटी निवासी सुरेशचन्द्र पुत्र बद्रीलाल सोनी ने बताया कि उसके पुत्र भुवनेश उर्फ सोनू सोनी की गत 17 जून की देर रात भोमियाजी कॉलोनी में हत्या कर दी गई थी। सोनू व भावना नामक महिला साझेदारी में अनैतिक कार्य करते थे। भोमियाजी कॉलोनी में एक मकान खरीदने के लिए सोनू ने आठ लाख रुपए अपने पिता से लेकर 15 लाख रुपए उस महिला को दिए थे। मकान की रजिस्ट्री सोनू के नाम करवाई जानी थी, लेकिन महिला ने अपने नाम करवा ली थी। ऐतराज जताए जाने पर महिला आठ लाख रुपए लौटाने को तैयार हो गई थी। जिसके लिए उसने आठ लाख रुपए का चेक दिया था। सोनू यह चेक बैंक में लगाता, उससे पहले ही सत्रह जून की रात उसकी हत्या कर दी गई थी।
हमलावरों में शामिल एक बाल अपचारी सहित आठ जनों को पुलिस पकड़ चुकी है। इनसे पूछताछ में सामने आया है कि उन्होंने गुड़ा विश्नोइयान निवासी स्वरूप बूडिय़ा के इशारे पर सोनू पर हमला किया था। महिला से भी पूछताछ की गई है, लेकिन अभी तक उसकी भूमिका सामने नहीं आई है। थानाधिकारी मदनलाल बेनिवाल का कहना है कि हमलावर हिस्ट्रीशीटर स्वरूप बूडिय़ा के कहने पर आए थे। अब स्वरूप के साथ हत्या में कौन शामिल था,यह उसके पकड़ में आने के बाद ही स्पष्ट होगा। हमले में शामिल रातानाडा की जवाहर कॉलोनी निवासी राहुल उर्फ तलवार नायक भी अभी तक पकड़ में नहीं आया है।
उत्तराखण्ड में मौजूद रहकर करवाया था हमला
पुलिस का कहना है कि हत्या के 9वें आरोपी रातानाडा निवासी सुरेश उर्फ तूफान वाल्मीकि को सोमवार शाम गिरफ्तार किया गया था। उसे मंगलवार को दो दिन के रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए गए हैं। इससे पहले मदनलाल विश्नोई, संजय सिंधी, विक्रम उर्फ विक्की डारा, हर्ष वैष्णव उर्फ अभिषेक, मुकुल मेवाड़ा, राहुल गुर्जर, सुरेश सरगरा व एक बाल अपचारी पकड़े जा चुके हैं। सोनू पर हमले के लिए हिस्ट्रीशीटर स्वरूप बूडिय़ा ने मदनलाल विश्नोई को तैयार किया था। 16 जून को वह घूमने के लिए उत्तराखण्ड चला गया था। ताकि हमले के दौरान उसकी मौजूदगी उत्तराखण्ड में रहे और वह बच जाए। उसने 17 जून को मदनलाल को फोन कर सोनू को सबक सिखाने के बारे में बात की थी। मदन ने उसी दिन काम हो जाने का विश्वास दिलाया था।