
जोधपुर। प्रतिबंधित आतंकी संगठन आइएसआइएस के हैंडलर जीशान के जोधपुर स्थित घर पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) ने बुधवार को छापेमारी की। करीब दो घंटे की तलाशी के बाद टीम लौट गई। एनआइए ने जीशान की एक मोटरसाइकिल जब्त कर सदर बाजार पुलिस थाने में रखवाई है। जीशान को चार माह पूर्व एटीएस जयपुर ने आंतकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों में गिरफ्तार किया था। इसके बाद न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे जीशान को एनआइए ने एक मामले में गिरफ्तार किया।
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आरोप है कि जीशान सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को आइएसआइएस से जोड़ने के लिए ब्रेनवॉश करता था। मार्च 2026 में आंध्र प्रदेश और राजस्थान पुलिस की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। जोधपुर पहुंची एनआइए की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से जीशान के घर की तलाशी ली। आरोपी की मोटरसाइकिल को भी जब्त किया है। स्थानीय पुलिस मदद से अधिकारियों ने उसके घर की गहन तलाशी ली। घर के आसपास के लोगों, बैंक खाते इत्यादि के बारे में जानकारी जुटाई है। तलाशी के संबंध में एनआइए ने पूरी गोपनीय रखी।
मार्च 2026 में एटीएस ने जोधपुर की नई सड़क के पास से जीशान को पकड़ा था। उसके मोबाइल से कई आपत्तिजनक चेट और वीडियो मिले हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि वह 'बेनेक्स' नाम का एक सोशल मीडिया ग्रुप चला रहा था, जिसके जरिए वह युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ रहा था। सोशल मीडिया पर वह काफी सक्रिय था। बताया जा रहा है कि बेनेक्स नामक ग्रुप का एडमिन बनने के लिए उसने ऑनलाइन परीक्षा पास की थी।
जीशान ने नेटवर्क चलाने के लिए अलग-अलग नाम से कई मोबाइल सिम ले रखी थी। एक-एक सिम उसने अपने माता-पिता के नाम से भी ले रखी थी। जीशान को जैसे ही एटीएस ने गिरफ्तार किया, माता-पिता ने दोनों सिम ब्लॉक करवा दी थी। इससे एटीएस और एनआइए को पुरानी चेट रिकवर करने में परेशानी आ रही थी। इस पर एनआइए ने जीशान के माता-पिता से भी पूछताछ की थी। एजेंसी की हिदायत के बाद दोनों मोबाइल सिम एक्टिवेट कराई गई। इस मामले में भी एनआइए जांच कर रही है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, टीम की अगली कार्रवाई के बारे में अभी जानकारी नहीं है। हालांकि आने वाले दिनों में कुछ और संदिग्धों से भी पूछताछ हो सकती है।