
जोधपुर. नगर निगम में गत सितंबर माह का वेतन समय पर नहीं मिलने के मामले में गुरुवार को कर्मचारी नेता अमरलाल बोहरा व आयुक्त दुर्गेश कुमार बिस्सा में कहासुनी हो गई। दरअसल, बोहरा ने निगम के फाइनेंसियल एडवाइजर को फोन कर समय पर खाते में तनख्वाह जमा कराने की बात की।
इस बात के बाद फाइनेंसियल एडवाइजर ने कर्मचारी नेता की धमकी बताते हुए आयुक्त को शिकायत कर दी। आयुक्त ने कर्मचारी नेता बोहरा को फोन कर फटकार दिया। इस बीच दोनों की फोन पर कहासुनी हो गई। आयुक्त बिस्सा ने कर्मचारी नेता को कहा कि आपका काम पशु पकडऩा है, आप अपना काम कीजिए वरना सस्पैंड कर दूंगा। इस कर्मचारी नेता बोहरा ने कहा कि इच्छा है जो कर लीजिए, वे अपना काम करेंगे।
29 सौ कर्मचारियों को वेतन का इंतजार
नगर निगम के 29 सौ कर्मचारियों को सितंबर माह का वेतन अब तक नहीं मिला है। इस कारण कई कर्मचारी परेशान है। इस बार वेतन के लिए बाध्यता रखी गई है कि सभी कर्मचारियों को अपने वोटर आइडी कार्ड भी जमा करवाने होंगे। हालांकि यह व्यवस्था चुनाव में ड्यूटी के लिहाज से की गई है। जबकि कर्मचारियों की बैंक डिटेल, पैन नंबर, नाम और पते की जानकारी ट्रेजरी में उपलब्ध है। इसके अलावा कर्मचारियों का विधानसभा क्षेत्र और वार्ड क्षेत्र भी पूछा गया है। निगम को अगले माह से नवनियुक्त सफाई कर्मचारियों का वेतन भी देना पड़ेगा। इनके वेतन पर निगम हर माह ढाई करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करेगा, जबकि नगर निगम को पांच-सात करोड़ का अनुदान राज्य सरकार से हर माह चुंगी की एवज में मिल रहा है। कर्मचारियों का सातवें वेतन आयोग का एरियर भी बाकी चल रहा है। निगम में आय से ज्यादा खर्चे है। कई बार निगम मुफलिसी के दौर से गुजर चुका है।
आयुक्त ने कहा सस्पैंड कर दूंगा: बोहरा
मैंने एफए तरुण कोहली को फोन किया था। समय पर कर्मचारियों की तनख्वाह नहीं आने से बीमा पॉलिसी व लोन में पैनल्टी लग रही है। जबकि १८ सितंबर को कलक्टर के यहां से पत्र आया था। चुनाव के लिए कर्मचारियों के बायोडेटा भिजवा जाए और फिर सैलेरी बनाई जाए। मैंने फिर सवाल किया आपने इतने दिन फिर क्या किया? मैंने कहा कि आपका काम समय पर सैलेरी भुगतान कराना है। उसने आयुक्त को फोन किया और कहा कि धमकाया। आयुक्त का फोन आया कि आप यूनियनबाजी करते हो। अधिकारियों को धमकाया तो निलंबित कर दूंगा। मैंने कहा कि इच्छा है, जो कर लीजिए, हम अपना काम करेंगे। आप अपना काम करंे।
- अमरलाल व्यास, अध्यक्ष, नगर निगम कर्मचारी संघ एकीकृत
कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। कल सभी को सैलेरी मिल जाएगी। कर्मचारी नेता बोहरा ने एफए के साथ बदतमीजी से बात की। मेरे से भी ढंग से बात नहीं की है। कुछ इश्यू थे, सफाईकर्मियों की चुनाव में ड्यूटी नहीं लगती है, वह मामला सुलझ गया है। कल सुबह सैलेरी जमा हो जाएगी। मैंने इतना कहा था कि आप भी अपना काम किया करो। पशु आवारा घूमते है, आपका काम पशु पकडऩे का है। आपके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- दुर्गेश कुमार बिस्सा, आयुक्त, नगर निगम
निगम कर्मचारियों की सैलेरी आना बाकी, सभी से मांगे वोटर आइडी कार्ड
जोधपुर. नगर निगम के 29 सौ कर्मचारियों को सितंबर माह का वेतन अब तक नहीं मिला है। ऐसे में निगम के कई कर्मचारी वेतन के इंतजार में परेशान नजर आ रहे हैं। इस बार वेतन के लिए बाध्यता रखी गई है कि सभी कर्मचारियों को अपने वोटर आइडी कार्ड भी जमा करवाने होंगे। इसके बाद वेतन आएगा। हालांकि यह व्यवस्था चुनाव में ड्यूटी के लिहाज से की गई है।
जानकारी के अनुसार इस बार निगम कर्मचारियों को वेतन लेने से पहले वोटर आइडी कार्ड, मेल एड्रेस व बैंक डिटेल सहित कई जानकारियां जमा करवानी है और कइयों ने जमा करवा भी दी हंै। जबकि कर्मचारियों की बैंक डिटेल, पैन नंबर, नाम और पते की जानकारी ट्रेजरी में उपलब्ध है। इसके अलावा कर्मचारियों का विधानसभा क्षेत्र और वार्ड क्षेत्र भी पूछा गया है। आयुक्त दुर्गेश कुमार बिस्सा ने कहा कि सभी के वेतन बिलों पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। सभी को जल्द सैलेरी मिल जाएगी।
चुनाव में कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी। वहीं निगम को अगले माह से नवनियुक्त सफाई कर्मचारियों का वेतन भी देना पड़ेगा। इनके वेतन पर निगम हर माह ढाई करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करेगा, जबकि नगर निगम को पांच-सात करोड़ का अनुदान राज्य सरकार से हर माह चुंगी की एवज में मिल रहा है। कर्मचारियों का सातवें वेतन आयोग का एरियर भी बाकी चल रहा है। निगम में आय से ज्यादा खर्चे है। कई बार निगम मुफलिसी के दौर से गुजर चुका है।