
जोधपुर. राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) जोधपुर में 21 साल बाद अब राजस्थानी मूल के छात्र-छात्राओं के लिए आरक्षण की उम्मीद जगी है। आरक्षण तय करने के लिए दो साल पहले गठित दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस मंजू गोयल की एक सदस्यीय कमेटी ने पिछले सप्ताह एनएलयू प्रशासन को रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट को एनएलयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल में रखा जाएगा। काउंसिल की हरी झंडी मिलने के बाद विवि में राजस्थानियों को 25 फीसदी आरक्षण मिल सकेगा। एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक इस महीने होने की उम्मीद है।
वर्ष 1999 में स्थापित एनएलयू जोधपुर में पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम बीए एलएलबी और बीएससी एलएलबी संचालित होते हैं। पंचवर्षीय पाठ्यक्रम में 115 सीटें हैं। विद्यार्थियों की मांग पर राज्य सरकार ने 5 मार्च 2018 को 25 फीसदी स्टेट कोटा को मंजूरी के लिए विधानसभा में संशोधक विधेयक पेश किया था। राज्य सरकार की मंजूरी मिलते ही एनएलयू ने जस्टिस मंजू गोयल की एक सदस्य कमेटी बना दी, लेकिन रिपोर्ट आने में दो साल लग गए। गौरतलब है कि देश में 23 एनएलयू में से 20 में स्थानीय आरक्षण लागू है। एनएलयू दिल्ली ने इसी साल स्थानीय विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है।
इनका कहना हेै.....
जस्टिस गोयल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस पर अब शीघ्र ही निर्णय कर लिया जाएगा।
-सोहनलाल शर्मा, रजिस्ट्रार, एनएलयू जोधपुर