
जोधपुर।
वे औद्योगिक इकाइयां, जो 100 केएलडी से ज्यादा पानी निकाल रही है। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने प्रावधान किया है कि ऐसे इकाई संचालकों/उद्यमियों से 31 मार्च तक इम्पेक्ट एसेसमेंट रिपोर्ट (एआईआर) जमा कराने पर पेनल्टी नहीं वसूली जाएगी। गौरतलब है कि 100 केएलडी से ज्यादा पानी निकालने वाले उद्यमियों को एनओसी के लिए इम्पेक्ट एसेसमेंट रिपोर्ट जमा करानी होती है। 1 जनवरी के बाद रिपोर्ट जमा कराने वाले उद्यमियों से लाखों-करोड़ों रुपयों की पेनल्टी वसूलने का प्रावधान था।
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नए सिरे से एनओसी के लिए आवेदन पर पेनल्टी माफ
वहीं केन्द्रीय भूजल प्राधिकरण ने उद्यमियों को राहत देते हुए निर्णय किया है कि औद्योगिक इकाइायों की निरस्त किए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के नए सिरे से आवेदन करने पर 31 मार्च तक अब किसी प्रकार की पेनल्टी नहीं वसूली जाएगी। विभाग की ओर से एक लाख रुपए जुर्माना राशि वसूली जा रही थी।
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लघु उद्योग भारती ने मंत्री को बताई समस्या
लघु उद्योग भारती के जोधपुर अंचल अध्यक्ष शांतिलाल बालड़ ने बताया कि केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत को पत्र भेज उद्योगों को समस्याओं से अवगत कराया गया था, जिस पर केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने पेनल्टी माफ कर उद्योगों को राहत दी है।