
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. जिले में प्रारंभिक शिक्षा के विद्यालयों की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। जिले में लगभग 462 राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पर्याप्त कक्षा कक्ष नहीं हैं। कई जगह पर दो-तीन कक्षा-कक्षों में पूरी स्कूल संचालित हो रही है। इन हालातों में स्कूल स्टाफ से लेकर विद्यार्थी तक परेशान है। दूसरी ओर शिक्षा विभाग लगातार नामांकन बढ़ाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन विद्यार्थियों को बैठाने की व्यवस्था के मामले में बिल्कुल विचार नहीं कर रहा है।
बापिणी ब्लॉक में 132 स्कूलों में पर्याप्त कक्ष नहीं
जोधपुर जिले के बापिणी ब्लॉक में हालात सबसे ज्यादा खराब है। यहां 132 स्कूलों में पर्याप्त कक्षा-कक्ष नहीं हैं। यहां 110 प्राथमिक व 22 उच्च प्राथमिक स्कूलों में कक्षा अनुपात में कक्ष नहीं है। इसके बाद लोहावट में 80 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में कक्षा अनुरूप कक्ष नहीं बने हुए हैं। इसके बाद 61 ओसियां के स्कूल हैं, जहां भी कक्षा-कक्षों की व्यवस्था खराब है।
एक हॉल में आधे बच्चे, बाकी मंदिर के बाहर पढ़ते हैं
राजकीय प्राथमिक विद्यालय श्रमिकपुरा मसूरिया की सभी कक्षाओं के लिए एक हॉल बना हुआ है। ऐसे में सभी विद्यार्थी एक साथ नहीं बैठ पाते। इस कारण कुछ कक्षाओं को पीछे बने शिव मंदिर के बाहर बैठाया जाता है। इस विद्यालय में 97 बच्चों का नामांकन हैं। कुल 4 अध्यापक कार्यरत हैं। इस तरह के हालातों से शिक्षा विभाग परिचित है, उसके बावजूद समस्या का समाधान नहींं किया जा रहा है।
इनका कहना है
संस्था प्रधान यू-डाइस पर सही जानकारी नहीं देते है। इस कारण कई नए कक्षों का निर्माण नहीं हो पाता है। सरकार ने अभी सभी सरकारी विद्यालयों से प्रस्ताव मांगे है। अब 9 स्कूलों में नव कक्षा कक्षों का निर्माण होगा।
- मदनलाल विश्नोई, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान
ब्लॉक का नाम - इतनी स्कूलों में पर्याप्त कक्ष नहीं
मंडोर - 12
लूणी - 28
बिलाड़ा - 2
भोपालगढ़ - 14
बालेसर - 2
शेरगढ़ - 55
ओसियां - 61
बावड़ी - 13
फलोदी - 4
बाप - 28
लोहावट - 80
देचू - 20
तिंवरी - 2
बापिणी - 132
पीपाड़ शहर - 9
(इसमें प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधीन राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के कुछ ब्लॉकों के स्कूलों की स्थिति बताई गई हैं।)