
जोधपुर।
'पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब और खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे खराबÓ यह अवधारणा समय के साथ गलत साबित होती जा रही है। खेलकूद में भी युवाओं ने नवाब बनकर राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय स्तर तक अपना नाम रोशन कर भावी खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा बन रहे है। खेलकूद के संसाधन व सुविधाओं के अभाव के बावजूद युवा खेलों में कड़ी मेहनत कर मुकाम हासिल कर रहे है। ऐसी ही है एथलीट निरमा खींचड़, जिसने हाल ही में 36वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर 1.56 मीटर हाई जम्प (ऊंची कूद) कर देश में चौथी रेंक हासिल की। इस सफलता के बाद निरमा ने खेलो इंडिया में क्वालीफाइ किया है।
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पेरेलल बार की जगह पाइप काम में लिया
विद्यालय में पर्याप्त खेलकूद संसाधन व सुविधाओं के अभाव के बाजवूद निरमा कड़ी प्रेक्टिस करती रही। हाई जम्प के स्पाइक्स नहीं, गद्दे नहीं, पेरेलल बार की जगह पीवीसी पाइप का प्रयोग कर अभ्यास करती रही। फिटनेस के लिए ग्रामीण क्षेत्र में एडवांस्ड जिम का भी अभाव था, फिर भी उपलब्ध संसाधनों के साथ अभ्यास करती रही। कोच प्रकाश भादू ने समय-समय पर विद्यालय में जाकर हाई जम्प की बारीकियां सिखाई व शारीरिक शिक्षक प्रेमसुख खदाव का भी अभ्यास में योगदान रहा।
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राजस्थान से एकमात्र छात्रा
जिले के धनारी कलां के सरकारी विद्यालय में पढऩे वाली निरमा गुवाहाटी (असम) में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में पदक पाने वाली राजस्थान की एकमात्र छात्रा है। पहले स्थान पर कर्नाटक व दूसरे-तीसरे स्थान पर पं बंगाल की छात्राएं रही। निरमा के पिता किसान व माता गृहिणी है।
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