
जोधपुर।
राज्य सरकार टेक्सटाइल इकाइयों से निकलने वाले केमिकलयुक्त पानी को ट्रीट कर प्रदूषण मुक्त औद्योगिक क्षेत्र के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए सरकार ने सालावास में एक और नया कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीइटीपी) बनाने के लिए नए सीइटीपी के लिए जमीन भी दे दी, वहीं दूसरी और अवैध खनन माफि या इस योजना पर पानी फेरते नजर आ रहे है। खनन माफिया सीइटीपी की प्रस्तावित जमीन पर धड़ल्ले से मिट्टी का अवैध खनन कर रहे है। राज्य सरकार की ओर से करीब ढाई साल पहले सालावास में 25 बीघा जमीन जोधपुर पॉल्यूशन कंट्रोल रिसर्च एण्ड फाउण्डेशन के नाम से आवंटित की गई। जिसकी मॉनिटरिंग जोधपुर प्रदूषण निवारण ट्रस्ट द्वारा बनाई गई कमेटी कर रही है।
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बेलगाम अवैध खनन
मॉनिटरिंग कमेटी ने मौका मुआयना कर जमीन की दुर्दशा देखी। अवैध खनन किस तरह बेलगाम होता जा रहा है, इसका नजारा जमीन देखने पर पता चला कि खनन माफिया 30-40 फुट तक जमीन खोद डाली और अवैध मिट्टी का धंधा पनपा रहे है। अगर यहीं दशा रही तो ट्रीटमेंट प्लांट बनना तो दूर की बात, जमीन को बचाना भी मुश्किल हो जाएगा।
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रात में दौड़ते है डम्पर
अवैध खनन करता इस कदर हावी होता जा रहा है कि रात होते ही मिट्टी वाले स्थानों पर जेसीबी व डम्पर पहुंच जाते है। जहां मिट्टी खोदकर जोधपुर के आसपास व जोधपुर शहर में बजरी के डम्पर तेज गति से निकलते हुए नजर आते है। इससे कई बड़े हादसे हो चुके है और हादसों का डर भी बना रहता है।
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यहां ज्यादा हो रहा अवैध खनन
सालावास, लूणी नदी, पीपाड़, डांगियावास, बीनावास सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है।
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बोरानाड़ा थाना में शिकायत दर्ज
कमेटी चेयरमैन श्रीकांत शर्मा ने बताया कि सालावास में प्रस्तावित सीइटीपी की जमीन पर अवैध खनन के संबंध में बोरानाडा पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाकर अवैध बजरी माफियाओं पर कार्यवाही करने की मांग की है।