
गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. जोधपुर स्थित सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय विश्वविद्यालय प्रदेश का ऐसा पहला विवि होगा जो 4 साल से बगैर कुलपति के संचालित हो रहा है। विवि को शुरू हुए महज 7 साल हुए हैं, लेकिन स्थाई कुलपति की नियुक्ति केवल एक बार हुई है। दो बार बनी सर्च कमेटियों ने केवल बैठकें की, लेकिन विवि को कुलपति नहीं दिला सकी। कोढ़ में खाज यह कि कुलपति के साथ रजिस्ट्रार की कुर्सी भी खाली पड़ी है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2012-13 के बजट भाषण में प्रदेश का पहला पुलिस विवि जोधपुर में खोलने की घोषणा की। 13 अक्टूबर 2012 को सीमा सुरक्षा बल के पूर्व महानिदेशक एमएल कुमावत को तीन साल के लिए इसका कुलपति नियुक्त किया गया। फरवरी 2013 में विवि शुरू हो गया। कुमावत का कार्यकाल अक्टूबर 2015 में समाप्त हो गया। तब से अब तक कोई कुलपति नहीं आया है।
जयपुर से चल रहा जोधपुर का विवि
कुमावत के बाद डॉ. भूपेंद्र यादव कार्यवाहक कुलपति बने। वे इसके साथ एडीजीपी कार्मिक और जेल डीजीपी का कार्यभार भी देखते रहे। जनवरी 2019 में जेल डीजीपी एनआरके रेड्डी को कार्यवाहक कुलपति बनाया गया। वे भी विवि का काम जयपुर से ही देख रहे हैं।
कुलपति व रजिस्ट्रार की कुर्सियां खाली
विवि के कार्यवाहक कुलपति एनआरके रेड्डी एक महीने की छुट्टी पर हैं। उनका चार्ज किसी को नहीं दिया गया। रजिस्ट्रार का अतिरिक्त कार्यभार राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सोहनलाल शर्मा के पास है। वित्त नियंत्रक मंगलाराम विश्नोई की जगह एक पखवाड़े पहले बीकानेर मेडिकल कॉलेज के संजय धवन को लगाया। उन्होंने भी अब तक कार्यभार नहीं संभाला।